कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से जुड़े विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानूनों को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इसी कड़ी में अलीगढ़ में राष्ट्रवादी छात्र संगठन और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने अलग-अलग तरीकों से अपना विरोध दर्ज कराया। अलीगढ़ में राष्ट्रवादी छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते हुए यूजीसी के नए कानूनों को वापस लेने की मांग की। इस दौरान नारेबाजी की गई और यूजीसी का प्रतीकात्मक पुतला भी दहन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्कर शर्मा ने आरोप लगाया कि नया यूजीसी कानून छात्रों के बीच विभाजन पैदा करने वाला है और इससे शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि छात्र हितों के खिलाफ किसी भी निर्णय को स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से भी इस कानून के विरोध में राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। जिलाध्यक्ष नेम सिंह सोलंकी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी के नए प्रावधानों से छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।


