नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का भाषण सिर्फ औपचारिक नहीं रहा, बल्कि इसमें बीते 11 महीनों का रिपोर्ट कार्ड और आने वाले वर्षों का रोडमैप साफ़ नजर आया। संविधान निर्माताओं को नमन से शुरू हुआ यह संबोधन दिल्ली के विकास एजेंडे तक पहुंचा। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के सदस्यों को श्रद्धांजलि देते हुए की। उन्होंने कहा कि यह वर्ष वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का है और साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को भी स्मरण किया। दिल्ली के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहर भारत की आत्मा का प्रतीक है। “दिल्ली को जिसने भी मिटाने की कोशिश की, वह खुद इतिहास में खो गया, लेकिन दिल्ली हर बार और मजबूत होकर उभरी,” उन्होंने कहा।
11 महीने, बड़े फैसले
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि जब उनकी सरकार ने 11 महीने पहले सत्ता संभाली, तब व्यवस्थाओं में जमी धूल सबसे बड़ी चुनौती थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को आधार बनाकर सरकार ने ऐसे फैसले लिए, जिनका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ा।
सरकार की प्रमुख उपलब्धियां
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने जनकल्याण से जुड़ी कई योजनाओं और आंकड़ों को सामने रखा—
- दिल्ली में 50 अटल कैंटीन शुरू की गईं, जहां 5 रुपये में भोजन मिल रहा है और रोज़ करीब 50 हजार लोग इसका लाभ ले रहे हैं।
- सभी सरकारी अस्पतालों को डिजिटल बनाने की प्रक्रिया जारी है।
- आयुष्मान भारत योजना पहले दिन से लागू की गई, जिससे अब तक 6.5 लाख से अधिक लोग जुड़े हैं।
- 300 से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू किए जा चुके हैं।
- स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 4,000 नए डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती की जाएगी।
शिक्षा, खेल और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
- शिक्षा बजट को कुल बजट का 21 प्रतिशत किया गया है और स्कूल फीस बढ़ोतरी रोकने के लिए सरकार कानून ला रही है।
- नरेला में 1300 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन हब का निर्माण हो रहा है।
- खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली सरकार देश में सबसे ज्यादा इनाम राशि दे रही है—ओलंपिक गोल्ड पर 7 करोड़, सिल्वर पर 5 करोड़ और ब्रॉन्ज पर 3 करोड़ रुपये।
दिल्ली को भविष्य के लिए तैयार करने की योजना
- राजधानी का कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाकर 30 हजार करोड़ रुपये किया गया है।
- अगले तीन वर्षों में दिल्ली को 11,000 ई-बसें मिलेंगी।
- सभी आईएसबीटी के पुनर्विकास का काम किया जाएगा।
- दिल्ली मेट्रो के लिए बजट बढ़ाकर 5,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
महिला सुरक्षा और सामाजिक समावेशन
- महिलाओं के साथ-साथ अब ट्रांसजेंडर समुदाय को भी मुफ्त बस यात्रा के लिए पिंक बस कार्ड दिया जाएगा।
- राजधानी की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 10,000 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
शहरी और ग्रामीण विकास
- तिहाड़ जेल को दूसरी जगह शिफ्ट करने की योजना पर काम चल रहा है।
- दिल्ली के गांवों के विकास पर 1,700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
- झुग्गी बस्तियों के विकास के लिए 700 करोड़ रुपये की योजनाएं चल रही हैं।
- राजधानी में 10 नई गौशालाओं का निर्माण भी किया जा रहा है।


