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हिंदू सम्मेलन में संतों का हुंकार, सनातन विरोधियों पर साधा निशाना

राम मंदिर से कृष्ण मंदिर तक, हिंदू सम्मेलन में गूंजा सनातन का संदेश

बाह (आगरा)। जैतपुर स्थित रामलीला मैदान में संत सरोवर हिंदू सम्मेलन समिति द्वारा आयोजित हिंदू सम्मेलन में सनातन धर्म और हिंदू एकता को लेकर संतों ने एकजुटता का संदेश दिया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में संत, धर्माचार्य और स्थानीय लोग मौजूद रहे। वृंदावन स्थित श्री श्री लक्ष्मी पीठाधीश्वर स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज ने बिना किसी का नाम लिए तीखे शब्दों में कहा कि हर युग में सनातन को भ्रमित करने वाले पात्र रहे हैं, जिनकी पहचान कर समाज को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश के लिए कार्य करने वाले मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे सनातन पर आघात पहुंचता है। ऐसे वक्तव्यों के लिए संबंधित व्यक्ति को सनातन समाज से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए।

उन्होंने हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पवित्र धामों में विवाद नहीं, बल्कि मोक्ष और अध्यात्म की चर्चा होनी चाहिए। पुलिस कर्मियों के साथ हुई अभद्रता को भी उन्होंने निंदनीय बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज ने कहा कि योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को बेहतर दिशा दी है और संत समाज उनके साथ खड़ा है। महामंडलेश्वर कृष्णानंद महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि इसी दिन अयोध्या में राम मंदिर की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति हिंदू मूल्यों से उपजी है और देश की बहुसंख्यक आबादी हिंदू होने के कारण हिंदू राष्ट्र की अवधारणा स्वाभाविक है। उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को पूर्व की घटनाओं की याद दिलाते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के बहकावे में आकर सनातन विरोधी ताकतों का समर्थन नहीं करना चाहिए।

उन्होंने अपील की कि देश में प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी को मजबूत कर सनातन को सशक्त बनाया जाए। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि अयोध्या की तरह मथुरा में भी श्रीकृष्ण मंदिर का निर्माण होगा। धांधू बाबा रामदास त्यागी ने हिंदुओं से संगठित होने का आह्वान करते हुए कहा कि एकता ही सनातन की सबसे बड़ी ताकत है। वहीं कथा वाचक उमाकांत महाराज ने पौराणिक कथाओं के माध्यम से सामाजिक समरसता और एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम में उदयभान सिंह भदौरिया, सोनू प्रधान, भूपेंद्र सिंह भदौरिया, राकेंद्र सिंह भदौरिया, ध्रुवराज सिंह भदौरिया, कुलदीप सिंह भदौरिया, लालू तोमर, ललित महेरे, हरिओम तिवारी, विजय चौधरी, रविंद्र सिंह भदौरिया, भाव सिंह नरवरिया, कमलेश जैन, कैप्टन परिवेश भदौरिया, अजय कुशवाह, अनुज बोहरे, मुकेश वर्मा, शिवा गुर्जर, राजेश चौहान, अजय सिंह भदौरिया, विद्याराम कुशवाह और रमेश बिधौलिया सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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