रातभर थाने में रोते रहे रिश्वतखोर जेई और संविदाकर्मी
शिकोहाबाद क्षेत्र में रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बुधवार को नौशहरा फीडर के जूनियर इंजीनियर (जेई) राजेश कुमार और संविदा लाइनमैन जयप्रकाश को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया। इस मामले में एंटी करप्शन इंस्पेक्टर की ओर से अरांव थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिसे आगे की जांच के लिए आगरा एंटी करप्शन थाने भेजा जाएगा। गुरुवार को दोनों आरोपियों को आगरा स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
बताया गया कि जेई राजेश कुमार, निवासी मैनपुरी शहर और संविदाकर्मी जयप्रकाश, निवासी पृथ्वीपुर (करहल, मैनपुरी) के खिलाफ नौशहरा निवासी नीरज कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। नीरज के अनुसार, जब उसे अपने ऊपर दर्ज मुकदमे की जानकारी मिली तो उसने 14 जनवरी को जेई से संपर्क किया। जेई ने केस खत्म कराने के बदले 70 हजार रुपये की मांग की, साथ ही जुर्माने की रकम अलग से देने को कहा। बाद में पहली किस्त के तौर पर 40 हजार रुपये तय हुए। शिकायत के सत्यापन के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया। जिलाधिकारी के निर्देश पर बीडीओ अरांव कार्यालय के कनिष्ठ सहायक अनिकेत कुमार और जसराना से न्याय लिपिक रामप्रकाश को सरकारी गवाह बनाया गया। शिकायतकर्ता को 500-500 रुपये के 80 नोट, कुल 40 हजार रुपये, केमिकल लगाकर दिए गए।
योजना के अनुसार नीरज कुमार ने अपने मित्र मंजेश कुमार के माध्यम से जेई और संविदाकर्मी को भूढ़ा भरथरा स्थित माता मंदिर तिराहे पर बुलाया। जैसे ही दोनों ने रिश्वत की रकम ली, एंटी करप्शन टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद जेई और संविदाकर्मी को रातभर थाने में रखा गया, जहां वे काफी देर तक रोते-बिलखते रहे। उनके परिजन भी थाने पहुंचे, लेकिन विभाग की ओर से कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया। बिजली विभाग के भीतर चर्चा है कि इससे पहले भी दोनों पर रिश्वत लेकर लोगों पर दर्ज कराए गए मामलों को खत्म कराने के आरोप लगते रहे हैं।


