कोटड़ा में फिर ओवरलोडिंग बनी मौत की वजह, प्रशासन की लापरवाही से गया तीन का जीवन
राजस्थान के उदयपुर जिला में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। आदिवासी अंचल कोटड़ा में सवारियों से भरी एक जीप अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार जीप बिलवन की ओर जा रही थी। चढ़ाई के दौरान अचानक ब्रेक फेल हो गए। चालक ने वाहन को संभालने की भरसक कोशिश की, लेकिन जीप सड़क से फिसलकर करीब 60 फीट गहरी खाई में गिर गई। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त जीप में क्षमता से कहीं ज्यादा, कुल 27 लोग सवार थे।
मृतकों की पहचान
हादसे में जिन तीन लोगों की जान चली गई, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है—
- काबू पिता नरसा गरासिया
- रेशमी पत्नी वख्ता गरासिया
- सुरेश पिता रोशन गरासिया
तीनों के शवों को कोटड़ा अस्पताल की मॉर्चरी में रखवाया गया है।
राहत और बचाव कार्य
घटना के बाद आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही कोटड़ा पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद कोटड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ओवरलोडिंग बनी जानलेवा
कोटड़ा क्षेत्र पूरी तरह से आदिवासी बहुल इलाका है, जहां परिवहन का मुख्य साधन जीपें हैं। बताया जाता है कि यहां 120 से अधिक जीपें नियमित रूप से चलती हैं और अधिकांश में ओवरलोड सवारियां बैठाई जाती हैं। इससे पहले भी इसी वजह से कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है।
प्रशासन पर उठे सवाल
बार-बार हो रहे हादसों के बावजूद ओवरलोडिंग के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने से अब पुलिस और परिवहन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती बरती जाती, तो ऐसे जानलेवा हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता था।


