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फतेहपुर हत्याकांड: पत्नी ने महिला साथी संग रची साजिश, 60 हजार की सुपारी देकर कराई पति की हत्या

के असोथर थाना क्षेत्र में 14 जनवरी को खेत में मिले किसान रामसुमेर (45) की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि इस जघन्य वारदात के पीछे मृतक की पत्नी ही मास्टरमाइंड थी, जिसने अपनी महिला साथी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि रामसुमेर की पत्नी रेनू, उसकी करीबी महिला मित्र मालती देवी उर्फ बुद्धी और बहरामपुर निवासी राजू सोनकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या को अंजाम देने के लिए एक ई-रिक्शा चालक को 60 हजार रुपये की सुपारी दी गई थी।

डेढ़ साल से चल रहा था समलैंगिक संबंध

पूछताछ में मालती देवी ने खुलासा किया कि वह और रेनू पिछले करीब डेढ़ साल से रिश्ते में थीं और साथ रहना चाहती थीं। मालती की पहले तीन शादियां हो चुकी थीं और वह अपने नौ वर्षीय बेटे के साथ गांव में रहती थी। रामसुमेर को जब दोनों के रिश्ते की जानकारी हुई तो उसने इसका विरोध किया और एक बार मालती को घर से भगा दिया था। इसके बाद दोनों महिलाओं ने फोन पर संपर्क बनाए रखा और रामसुमेर की हत्या की योजना बना डाली।

खेत में रची गई हत्या की साजिश

हत्या के लिए मालती ने अपने परिचित ई-रिक्शा चालक जितेंद्र गुप्ता से संपर्क किया और उसे 60 हजार रुपये देने का सौदा तय हुआ। आठ हजार रुपये एडवांस भी दिए गए। योजना के अनुसार 13 जनवरी की रात जब रामसुमेर खेत जा रहा था, तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसे पकड़ लिया। रस्सी से गला कसने के बाद चाकू से उसकी गला रेतकर हत्या कर दी गई और शव खेत में फेंक दिया गया।

सबूत बरामद, कुछ आरोपी फरार

पुलिस ने आरोपियों के पास से दो कीपैड मोबाइल, हत्या में इस्तेमाल लाल रंग की रस्सी और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। हालांकि हत्या में प्रयुक्त चाकू और मृतक का मोबाइल फोन अब तक नहीं मिल सका है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी ई-रिक्शा चालक जितेंद्र और एक अन्य साथी रामप्रकाश अभी फरार हैं, जिनकी तलाश लगातार की जा रही है। आशंका है कि वही किसान का मोबाइल और चाकू अपने पास लिए हुए हैं।

पैसे के साथ प्लॉट देने का भी था लालच

जांच में यह भी सामने आया कि मालती और जितेंद्र के बीच पुरानी जान-पहचान थी। मालती अक्सर रेनू से पैसे लेकर जितेंद्र को देती थी। हत्या के बदले नगद रकम के साथ-साथ एक प्लॉट दिलाने का वादा भी किया गया था। पुलिस का दावा है कि वारदात से पहले कई दिनों तक आरोपियों की गांव में मौजूदगी देखी गई थी, जिससे साजिश की पुष्टि होती है।

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