टेक्सास में H-1B वीजा को लेकर बड़ा विवाद, मार्जोरी टेलर ग्रीन ने उठाए धोखाधड़ी के सवाल
अमेरिका में एच-1बी वीजा को लेकर एक बार फिर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की करीबी सहयोगी रह चुकीं और हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाली Marjorie Taylor Greene ने टेक्सास में बड़े पैमाने पर एच-1बी वीजा धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। ग्रीन ने सोशल मीडिया पर एक इन्फ्लुएंसर का वीडियो साझा किया, जिसमें दावा किया गया है कि साल 2025 में अकेले टेक्सास में लाखों एच-1बी वीजा आवेदनों को मंजूरी दी गई। वीडियो में यह भी आरोप लगाया गया कि डलास के एक आव्रजन वकील, चंद परवथानेनी, इस कथित प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। इन्फ्लुएंसर के अनुसार, वर्ष 2024 तक करीब 4 लाख एच-1बी आवेदन मंजूर किए गए और 2025 तक यह संख्या बढ़कर लगभग 7 लाख तक पहुंच सकती है।

ग्रीन ने इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा कि “नॉर्थ टेक्सास में एच-1बी वीजा फ्रॉड का एक बेहद गंभीर मामला सामने आ रहा है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक ही वकील द्वारा इतने बड़े पैमाने पर वीजा दिलवाना अपने आप में संदेह पैदा करता है। इस मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए ग्रीन ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम के प्रति अपने पुराने विरोध को दोहराया। उन्होंने कहा कि अगर रिपब्लिकन पार्टी वास्तव में इस कार्यक्रम को खत्म करना चाहती, तो वह उनके द्वारा पेश किए गए विधेयक HR 6937 को पास कर देती, जिसका मकसद एच-1बी वीजा प्रोग्राम को पूरी तरह समाप्त करना था।
वीडियो में इन्फ्लुएंसर ने यह सवाल भी उठाया कि इतने बड़े पैमाने पर वीजा पाने वाले लोग आखिर काम कहां कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि टेक्सास में एक चार बेडरूम और तीन बाथरूम वाला घर 66 एच-1बी आवेदकों के नाम पर पंजीकृत है और उसी पते से एक कंपनी संचालित की जा रही है। हालांकि, इन तमाम आरोपों के बावजूद अमेरिकी मीडिया में अब तक ऐसी कोई स्वतंत्र रिपोर्ट सामने नहीं आई है जो इन दावों की पुष्टि करती हो। न ही संबंधित वकील या सरकारी एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है। ऐसे में फिलहाल यह पूरा मामला सोशल मीडिया दावों और राजनीतिक बयानों तक ही सीमित नजर आ रहा है।


