आगरा में मेट्रो परियोजना को लेकर काम ने रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) यमुना नदी पर प्रस्तावित मेट्रो पुल के निर्माण को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है। इसके लिए निर्माण स्थल पर मशीनों की संख्या बढ़ा दी गई है और पिलर निर्माण का कार्य लगातार जारी है। अधिकारियों का अनुमान है कि पुल लगभग 10 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे दिसंबर तक मेट्रो संचालन की उम्मीद जताई जा रही है। यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा के अनुसार, आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनने वाला दूसरा मेट्रो कॉरिडोर 16 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें कुल 14 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसी रूट पर यमुना नदी पर पुल का निर्माण किया जा रहा है। पुल के एक हिस्से में पानी की निकासी की व्यवस्था की जा रही है, जबकि अन्य स्थानों पर ज़मीन समतल कर निर्माण कार्य को तेज़ किया गया है।
फिलहाल यमुना किनारे एक पिलर के लिए गहरी खुदाई चल रही है। इस काम को समय पर पूरा करने के लिए दो अतिरिक्त मशीनें लगाई गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरा कॉरिडोर दिसंबर तक तैयार हो सकता है। वहीं, आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक मेट्रो ट्रैक बिछाने का करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और जून से इस हिस्से में मेट्रो चलने की संभावना है। पहले कॉरिडोर की बात करें तो एसएन कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजामंडी और आरबीएस जैसे चार भूमिगत स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं। इन स्टेशनों पर फिलहाल लाइटिंग, सिग्नल सिस्टम और आंतरिक सजावट का काम चल रहा है, जिसे मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद इस रूट पर भी मेट्रो सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है।
ट्रैफिक सुधार के लिए हटाई जा रही बैरिकेडिंग
एमजी रोड पर जाम की समस्या को देखते हुए निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। जहां काम पूरा हो चुका है, वहां यू-गर्डर रात के समय रखे जा रहे हैं ताकि दिन में यातायात प्रभावित न हो। कुछ घंटों के लिए मार्ग को डायवर्ट किया जाता है। सेंट जॉन्स कॉलेज से हरीपर्वत के बीच कई स्थानों से बैरिकेडिंग हटा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण पूरा होते ही बैरिकेडिंग हटाकर सड़क को आम लोगों के लिए सुगम बनाया जा रहा है।


