झूठी शान की बलि चढ़ी किशोरी, कासगंज में परिजनों ने कर दी निर्मम हत्या

उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के ढोलना थाना क्षेत्र के एक गांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। कथित रूप से परिवार की झूठी इज्जत बचाने के नाम पर परिजनों ने एक किशोरी की हत्या कर दी और शनिवार रात उसका शव श्मशान में जला दिया। किशोरी दो दिन पहले गांव के ही एक युवक के साथ घर से आगरा चली गई थी। रविवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस गांव पहुंची। श्मशान में जल रही चिता को पानी डालकर बुझाया गया और जले हुए अवशेषों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस के पहुंचने से पहले ही मृतका के परिजन घर में ताला लगाकर फरार हो चुके थे। अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार और सीओ सदर आंचल चौहान फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच की। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए तीन टीमें गठित की थीं। देर शाम दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में सामने आया कि किशोरी अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद कर रही थी, जिससे नाराज होकर परिजनों ने उसकी हत्या कर दी। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब किशोरी के प्रेमी के भाई ने रविवार सुबह यूपी 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने गांव के प्रधान प्रतिनिधि, प्रेमी और उसके भाई से पूछताछ की। किशोरी के घर का ताला खुलवाकर अंदर जांच की गई।
आगरा से लौटते ही दोनों को बनाया गया बंधक
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि किशोरी और उसका प्रेमी दो दिन पहले आगरा चले गए थे। शनिवार शाम परिजन दोनों को वहां से वापस गांव ले आए। गांव में लगभग 50 मीटर की दूरी पर बने अलग-अलग कमरों में दोनों को बंद कर बेरहमी से पीटा गया। रात में किशोरी की हत्या कर दी गई, जबकि प्रेमी किसी तरह वहां से भागने में सफल रहा। एएसपी सुशील कुमार ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और फरार परिजनों की तलाश की जा रही है।

घटना के बाद गांव में सन्नाटा, घरों पर पड़े ताले
किशोरी की हत्या के बाद गांव में भय और सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस के पहुंचने तक किशोरी और प्रेमी के परिजन ही नहीं, बल्कि अधिकांश ग्रामीण भी अपने घरों में ताला लगाकर गांव छोड़ चुके थे। किशोरी और उसके प्रेमी के मकान के बीच की दूरी 100 मीटर से भी कम है। रविवार सुबह जब ग्रामीणों को हत्या और शव जलाने की जानकारी हुई तो गांव में दहशत फैल गई। पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची, तब अधिकांश घर बंद मिले। कुछ घरों में केवल महिलाएं मौजूद थीं, पुरुष गांव से बाहर जा चुके थे। पुलिस को शुरुआत में गांव से कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद किशोरी के घर का ताला खुलवाया गया और जांच आगे बढ़ाई गई।


