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बहन के मंडप से पहले उठी भाई की अर्थी, गांव में शोक की लहर

शादी की खुशियों पर टूटा कहर, जिम्मेदार बेटे की मौत से टूटा परिवार

14 फरवरी को बहन की शादी की तैयारियों में लगा परिवार उस समय गहरे सदमे में डूब गया, जब जिम्मेदारियों का बोझ उठाने वाला गौरव अचानक इस दुनिया से चला गया। खुशियों से भरे घर में मातम पसर गया और जहां शहनाइयों की गूंज होनी थी, वहां अब केवल रोने-बिलखने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। गदनपुर गांव में हर कोई यही कह रहा है कि जिसने पूरे घर को संभाला, वही घर को अनाथ कर गया। गौरव के घर का माहौल बेहद करुण है। मां शारदा देवी, जो न सुन सकती हैं और न बोल, पोस्टमार्टम हाउस में बेटे का चेहरा देखकर होश खो बैठीं। परिजन उन्हें संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन मां के दर्द के आगे हर दिलासा बेअसर साबित हुआ। ग्रामीणों के अनुसार पति के निधन के बाद शारदा देवी पूरी तरह अपने बड़े बेटे गौरव पर निर्भर थीं।

बहन मधु की शादी 14 फरवरी को तय थी। भाई की मौत की खबर मिलते ही वह बदहवास हो गई। उसकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे और वह बार-बार यही कह रही थी कि “भैया के बिना मेरा मंडप कैसे सजेगा?” परिवार ने बताया कि गौरव पिछले करीब पांच वर्षों से महाराष्ट्र में हलवाई का काम कर रहा था। बहन की शादी के लिए उसने मेहनत कर पैसे जोड़े थे। रिश्तेदार अर्जुन कुमार के मुताबिक, महाराष्ट्र से लौटते समय गौरव ने फोन पर बहन से कहा था कि वह आ रहा है और सभी तैयारियां पूरी रखें।

गौरव अपने फुफेरे भाई विनय के साथ काम करता था। दोनों शनिवार को गांव लौटे थे और अवागढ़ से बाइक लेकर घर आ रहे थे। इसी दौरान हादसा हो गया। गांव के विवेक कुमार ने बताया कि गौरव बेहद शांत स्वभाव का, मेहनती और जिम्मेदार युवक था। पिता की मृत्यु के बाद उसने ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाली थी। हादसे में फुफेरा भाई विनय भी गंभीर रूप से घायल है, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है। गांव में हर आंख नम है और हर जुबान पर यही सवाल है कि इतनी बड़ी जिम्मेदारियां उठाने वाला युवक यूं अचानक कैसे चला गया।

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