बरेली जिले के मीरगंज क्षेत्र से प्रेम और विवाह से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां की रहने वाली आशिया खान ने अपने प्रेमी मोनू के साथ विवाह करने के लिए न सिर्फ अपना नाम बदला, बल्कि धर्म परिवर्तन कर सनातन धर्म भी अपना लिया। धर्म परिवर्तन के बाद आशिया अब अंशिका के नाम से जानी जाएंगी। दोनों ने बरेली स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में हिंदू परंपराओं के अनुसार विवाह किया।
मेले में हुई थी पहली मुलाकात
अंशिका ने बताया कि कुछ साल पहले एक मेले में उसकी मुलाकात मोनू से हुई थी। पहली मुलाकात के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। मोबाइल नंबरों के आदान-प्रदान के बाद संपर्क बढ़ता गया और दोनों ने जीवन भर साथ रहने का फैसला कर लिया।
चार साल से सनातन धर्म में थी आस्था
युवती का कहना है कि वह पिछले चार वर्षों से सनातन धर्म के प्रति आस्था रखती थी और नियमित रूप से मंदिर भी जाती थी। मोनू से मिलने के बाद उसने हिंदू रीति-रिवाजों को और गहराई से समझा और अपनाया। इसी विश्वास के चलते उसने अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन का निर्णय लिया।
परिवार की जानकारी में लिया फैसला
अंशिका ने बताया कि वह छह भाई-बहनों में से एक है, जिसमें चार भाई और दो बहनें हैं। उसने स्पष्ट कहा कि यह विवाह उसकी पूरी सहमति से हुआ है और उस पर किसी प्रकार का दबाव या डर नहीं डाला गया। दोनों ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शादी करने का फैसला लिया।
आश्रम में हुआ शुद्धिकरण और विवाह
अगस्त्य मुनि आश्रम में पंडितों द्वारा पहले युवती का शुद्धिकरण संस्कार कराया गया। इसके बाद गायत्री मंत्र के जाप और धार्मिक विधियों के साथ दोनों का विवाह संपन्न हुआ। मोनू और अंशिका दोनों का कहना है कि उन्होंने आपसी सहमति और प्रेम के आधार पर यह रिश्ता तय किया है।


