देश सेवा में जान गंवाने वाले अग्निवीर सूरज यादव को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
शहीद अग्निवीर सूरज यादव की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, गांव में छाया मातम
पश्चिम बंगाल के पानागढ़ में तैनात अग्निवीर सूरज यादव (23) का पार्थिव शरीर शुक्रवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा। शव को निजी एंबुलेंस से भेजे जाने की जानकारी मिलते ही परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने टूंडला क्षेत्र के जरौली कट पर एंबुलेंस रोककर जाम लगा दिया और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की मांग पर अड़ गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर, तहसीलदार टूंडला, सीओ टूंडला सहित कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों को समझाया और सेना से संपर्क किया। इसके बाद आगरा स्थित आर्मी कैंप से फूलों से सजा सेना का ट्रक भेजा गया, जिसमें शव को गांव तक ले जाया गया।
बीमारी के बाद हुई थी मौत
मृतक के पिता गंगा सिंह ने बताया कि सूरज यादव अप्रैल 2024 में अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती हुआ था। छह जनवरी की देर रात पानागढ़ में उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताओं के बाद शुक्रवार सुबह शव गांव लाया गया।
गांव पहुंचते ही मचा कोहराम
सेना का वाहन जैसे ही गांव पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। पिता और भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम यात्रा में हजारों ग्रामीण शामिल हुए। सूरज के चचेरे भाई आदित्य यादव ने मुखाग्नि दी। सूरज अपने तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनकी बहन ललिता वर्तमान में भारतीय वायुसेना में कार्यरत हैं।
परिजनों की तीन अहम मांगें
अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों ने प्रशासन के सामने तीन मांगें रखीं—
- गांव के बाहर शहीद सूरज यादव की स्मृति में एक भव्य विजय द्वार बनाया जाए।
- गांव में शहीद का स्मारक स्थापित किया जाए, जिसके लिए परिवार अपनी जमीन देने को तैयार है।
- परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी मांगें सेना और उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाएंगी।
नेताओं और अधिकारियों की मौजूदगी
अंतिम विदाई के मौके पर सदर विधायक मनीष असीजा, शिकोहाबाद विधायक मुकेश वर्मा, पूर्व एमएलसी दिलीप यादव समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस बल ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली और शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई।


