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मोबाइल देखते-देखते बुझ गई मासूम जिंदगी, 10 साल के मयंक की दर्दनाक मौत

कम उम्र में बढ़ता हार्ट अटैक का खतरा, मंडी धनौरा में बच्चे की मौत से चिंता

अमरोहा जनपद के मंडी धनौरा क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां चौथी कक्षा में पढ़ने वाले एक मासूम बच्चे की अचानक मौत हो गई। परिजन और चिकित्सक प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हृदयगति रुकना मान रहे हैं। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। झुझैला चक गांव निवासी दीपक सैनी का 10 वर्षीय बेटा मयंक पास के गांव कैसरा स्थित एक स्कूल में कक्षा चार का छात्र था। 28 दिसंबर की दोपहर लगभग तीन बजे मयंक घर में पलंग पर बैठकर मोबाइल फोन पर कुछ देख रहा था। इसी दौरान वह अचानक पीछे की ओर गिर पड़ा। शुरुआत में परिजनों को इसकी भनक नहीं लगी।

कुछ समय बाद जब मयंक की मां की नजर उस पर पड़ी तो वह बेसुध हालत में पड़ा था। घबराए परिजन उसे तुरंत गांव के एक स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए, जहां जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। मयंक के पिता का कहना है कि उनका बेटा पूरी तरह स्वस्थ था और उसे पहले कभी किसी तरह की गंभीर बीमारी नहीं रही। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई है, हालांकि यह मामला सभी को हैरान करने वाला है।

कम उम्र में बढ़ रहे हृदयघात के मामले

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में बदलाव और मानसिक तनाव के कारण हृदय संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। बीते 15 महीनों में क्षेत्र में हार्ट अटैक से 27 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें से अधिकतर की उम्र 40 वर्ष से कम बताई जा रही है। कार्यवाहक सीएमओ डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि हार्ट अटैक की स्थिति में सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) एक बेहद प्रभावी जीवनरक्षक प्रक्रिया है। सही समय पर सीपीआर मिलने से मरीज के बचने की संभावना दो से तीन गुना तक बढ़ सकती है।

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