शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर महिलाओं को निशाना बनाए जा रहे एआई टूल्स के दुरुपयोग को लेकर केंद्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने गुरुवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

अपने पत्र में चतुर्वेदी ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक खतरनाक ट्रेंड तेजी से फैल रहा है, जहां फर्जी अकाउंट्स के जरिए महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट कर एआई फीचर Grok का इस्तेमाल उन्हें अश्लील और आपत्तिजनक रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि न सिर्फ निजी तस्वीरें, बल्कि वे महिलाएं भी निशाने पर हैं जो खुद अपनी तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा करती हैं।
चतुर्वेदी ने इसे महिलाओं की निजता पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि एआई तकनीक का ऐसा इस्तेमाल न केवल अनैतिक है, बल्कि गंभीर आपराधिक श्रेणी में आता है। उनका आरोप है कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि ग्रोक जैसे एआई टूल्स इन आपत्तिजनक निर्देशों को स्वीकार कर इस व्यवहार को बढ़ावा दे रहे हैं।
पत्र में सांसद ने जोर देकर कहा कि तकनीकी नवाचार की आड़ में महिलाओं की गरिमा का डिजिटल मंचों पर खुलेआम हनन किया जा रहा है और भारत इस पर आंख मूंदकर नहीं बैठ सकता। उन्होंने सरकार से मांग की कि सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए जाएं और एआई आधारित प्लेटफॉर्म्स में सख्त सुरक्षा उपाय अनिवार्य किए जाएं, ताकि महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी चेताया कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो इस तरह के पैटर्न अन्य बड़े तकनीकी प्लेटफॉर्म्स पर भी और तेजी से फैल सकते हैं, जिससे डिजिटल स्पेस महिलाओं के लिए और असुरक्षित होता चला जाएगा।


