अमेरिका से समझौते के संकेत: ड्रग्स और तेल पर बातचीत को तैयार वेनेजुएला

काराकस: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका के साथ रिश्तों को लेकर नरमी के संकेत दिए हैं। सरकारी टीवी पर प्रसारित एक पहले से रिकॉर्ड इंटरव्यू में मादुरो ने कहा कि उनका देश ड्रग तस्करी के खिलाफ सहयोग को लेकर अमेरिका से बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने हाल ही में वेनेजुएला के एक डॉकिंग ज़ोन में हुए कथित CIA-नेतृत्व वाले हमले पर कोई टिप्पणी करने से बचते हुए चुप्पी साधे रखी। ट्रंप प्रशासन का दावा था कि इस इलाके का इस्तेमाल ड्रग कार्टेल करते थे।
अमेरिका पर लगाए दबाव और साजिश के आरोप
स्पेनिश पत्रकार इग्नासियो रामोनेट से बातचीत में मादुरो ने दोहराया कि अमेरिका वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन चाहता है। उनका आरोप है कि कैरेबियन क्षेत्र में भारी सैन्य मौजूदगी के ज़रिए अमेरिका देश के विशाल तेल संसाधनों तक पहुंच बनाना चाहता है।
मादुरो ने कहा, “अमेरिका धमकी, डर और ताकत के ज़रिए खुद को हम पर थोपना चाहता है।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब समय आ गया है कि दोनों देश “ठोस तथ्यों और आंकड़ों के साथ गंभीर बातचीत” शुरू करें।
तेल और निवेश पर खुला प्रस्ताव
मादुरो ने साफ शब्दों में कहा कि अगर अमेरिका ड्रग तस्करी से निपटने को लेकर ईमानदार बातचीत चाहता है, तो वेनेजुएला पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि तेल क्षेत्र में अमेरिकी निवेश का रास्ता खुल सकता है। उनका कहना था, “अगर अमेरिका को तेल चाहिए, तो वेनेजुएला निवेश के लिए तैयार है—चाहे वह Chevron के साथ हो या किसी और तरीके से।” गौरतलब है कि शेवरॉन फिलहाल एकमात्र बड़ी अमेरिकी तेल कंपनी है जो वेनेजुएला से कच्चा तेल अमेरिका भेजती है।
ट्रंप प्रशासन का सख्त रुख बरकरार
यह इंटरव्यू नए साल की पूर्व संध्या पर रिकॉर्ड किया गया था, उसी दिन जब अमेरिकी सेना ने ड्रग तस्करी से जुड़ी पांच संदिग्ध नावों पर हमले की घोषणा की थी। अमेरिकी आंकड़ों के मुताबिक अब तक ऐसे हमलों की संख्या 35 तक पहुंच चुकी है और कम से कम 115 लोगों के मारे जाने की बात कही गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन कार्रवाइयों को अमेरिका में ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए जरूरी बताया है और कहा है कि अमेरिका ड्रग कार्टेल के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष में है।


