राजस्थान में नए साल की पहली बारिश, तापमान गिरा, कोहरे से जनजीवन प्रभावित

राजस्थान में नव वर्ष 2026 की शुरुआत ठिठुरन और बदले मौसम के साथ हुई। साल की पहली ही रात से प्रदेश के कई हिस्सों में मावठ, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और सर्दी का असर तेज हो गया। शेखावाटी अंचल के झुंझुनूं, सीकर और चूरू जिलों सहित जयपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़, बीकानेर और भरतपुर के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। इसके चलते न्यूनतम तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी गई।
रबी फसलों के लिए वरदान बनी पहली मावठ
शेखावाटी क्षेत्र में इस सीजन की पहली मावठ को किसानों के लिए राहतभरी माना जा रहा है। गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलों को इससे शुरुआती नमी मिली है, जिससे फसलों की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है और सिंचाई पर निर्भरता भी घटेगी। मावठ सर्दियों में होने वाली वह बारिश होती है, जो रबी की फसलों के लिए बेहद उपयोगी मानी जाती है। राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में यह शब्द आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने जयपुर और भरतपुर संभाग के जिलों में गुरुवार को भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर और घने कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की गई है। विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे मौसम चुनौतीपूर्ण रह सकता है।
कोहरे ने थामा रफ्तार का पहिया
नए साल की सुबह कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। शेखावाटी अंचल के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो गई, कुछ स्थानों पर यह शून्य के करीब पहुंच गई। राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
किसानों को फायदा, आमजन को परेशानी
जहां एक ओर यह मौसम किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। बढ़ती ठंड और कोहरे से बुजुर्गों, बच्चों और रोज़मर्रा के कामगारों को खासा सामना करना पड़ रहा है।


