नामी कंपनियों के नाम पर नकली दवाओं का कारोबार, तीन फैक्ट्रियों पर छापा
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय के अनुसार आगरा की पांच दवा एजेंसियों—हे मां मेडिको, बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडी पॉइंट, राधे मेडिकल एजेंसी और ताज मेडिको—ने पुडुचेरी स्थित मीनाक्षी फार्मा से नामी कंपनियों के नाम पर तैयार की गई नकली दवाएं खरीदी थीं। इस मामले में करीब 71 करोड़ रुपये मूल्य की दवाएं जब्त की गई हैं। जांच के दौरान सीबीसीआईडी ने पुडुचेरी में नकली दवाएं बनाने वाली तीन फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया, जहां से 30 करोड़ रुपये से अधिक की तैयार दवाएं और कच्चा माल बरामद हुआ। इसके अलावा लगभग 20 करोड़ रुपये कीमत की अत्याधुनिक मशीनें भी जब्त की गईं, जिनकी मदद से नामी कंपनियों जैसी हूबहू दवाएं तैयार कर उनकी पैकिंग की जाती थी।
जांच आगे बढ़ने पर आगरा पुलिस ने मीनाक्षी फार्मा के मालिक एके राणा को पुडुचेरी से गिरफ्तार कर आगरा लाया। फिलहाल पुलिस अपने स्तर पर पूरे नेटवर्क की छानबीन कर रही है। वहीं औषधि विभाग कोर्ट के माध्यम से आरोपी को नोटिस भेजने की तैयारी में है, जिसमें यह स्पष्ट करने को कहा जाएगा कि संबंधित पांचों फर्मों को दवाओं की बिक्री हुई थी या नहीं, भुगतान बिलों के जरिए किया गया था या नहीं, और दवा निर्माण का वैध लाइसेंस मौजूद था या नहीं। इसके साथ ही जिन पांच नामी दवा कंपनियों के नाम पर नकली दवाएं बनाई गई थीं, उन्हें भी नोटिस भेजे गए हैं। उनसे यह पुष्टि मांगी गई है कि जब्त की गई दवाएं वास्तव में उन्हीं के यहां निर्मित हैं या नहीं। साथ ही बैच नंबर के आधार पर दवाओं के वितरकों की जानकारी भी तलब की गई है।
अंशुल से जुड़ी फर्म की भी पड़ताल
सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि भिवाड़ी में गुजरात एटीएस ने अवैध रूप से अल्प्राजोलम दवा बनाने वाले गिरोह को पकड़ा है। यह दवा नींद के इलाज में उपयोग होती है, लेकिन नशे के लिए इसकी अवैध बिक्री भी की जाती है। इस मामले में आगरा निवासी अंशुल का नाम सामने आया है, जिसके नाम पर किसी फर्म के संचालन की जांच कराई जा रही है। हालांकि अब तक आगरा में उसके नाम से कोई सक्रिय दवा फर्म नहीं मिली है।


