2019 पुलवामा हमले पर सपा नेता सनातन पांडे का विवादास्पद बयान

समाजवादी पार्टी के नेता समाजवादी पार्टी से जुड़े सनातन पांडे ने एक बयान देकर सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने वर्ष 2019 में हुए पुलवामा आतंकी हमले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पांडे का दावा है कि यह हमला किसी बाहरी ताकत की साजिश नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा था। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में पांडे ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद भाजपा ने दो करोड़ रोजगार, किसानों की आय दोगुनी करने, महंगाई पर नियंत्रण और काला धन वापस लाने जैसे बड़े वादे किए थे, लेकिन पांच वर्षों में इनमें से किसी भी वादे को जमीन पर नहीं उतारा जा सका। उनके अनुसार, जनता का ध्यान इन असफलताओं से हटाने के लिए पुलवामा जैसी घटना को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया गया।
पांडे ने यह भी सवाल उठाया कि अब तक यह स्पष्ट क्यों नहीं हो पाया कि हमले में इस्तेमाल किया गया आरडीएक्स कहां से आया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास विकास और गरीबी जैसे मुद्दों पर संसद में चर्चा करने का कोई ठोस एजेंडा नहीं है, इसलिए भावनात्मक और सांप्रदायिक मुद्दों को उछालकर सत्ता में बने रहने की कोशिश की जाती है। पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल का हवाला देते हुए उन्होंने राष्ट्रीय मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि कुछ चैनल एक खास समुदाय को निशाना बनाकर खबरें दिखा रहे हैं।
गौरतलब है कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 40 जवान शहीद हो गए थे। भारत सरकार ने इस हमले के लिए पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को जिम्मेदार ठहराया था। हमले के जवाब में भारत ने 26 फरवरी 2019 को खुफिया सूचनाओं के आधार पर पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित आतंकी शिविरों पर हवाई कार्रवाई की थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस अभियान में जैश-ए-मोहम्मद के कई आतंकवादी, प्रशिक्षक और वरिष्ठ कमांडर मारे गए थे। उस शिविर की जिम्मेदारी संगठन प्रमुख मसूद अजहर के बहनोई मौलाना यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी के पास थी।


