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बटेश्वर कॉरिडोर और घाट निर्माण का निरीक्षण, खामियों पर अधिकारियों की नाराज़गी

महाशिवरात्रि से पहले पूरा हो बटेश्वर विकास कार्य, अधिकारियों ने दिए सख्त निर्देश

बटेश्वर में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने के लिए चल रहे कॉरिडोर, मंदिर और घाट विकास कार्यों का मंगलवार को क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने तीर्थ स्थल ट्रस्ट के चेयरमैन एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अरिदमन सिंह के साथ निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डाउन स्ट्रीम क्षेत्र में बने घाट पर एप्रिन न होने और पत्थरों के उखड़ने पर अधिकारियों ने नाराज़गी जताई। ठेकेदार को निर्देश दिए गए कि जल्द से जल्द एप्रिन लगाकर पत्थर बिछाने का कार्य दुरुस्त किया जाए।

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप होने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि 16 फरवरी को महाशिवरात्रि से पहले कॉरिडोर, घाट और मंदिरों से जुड़े प्रमुख कार्य पूरे किए जाएं, जबकि शेष विकास कार्य मार्च तक समाप्त कर लिए जाएं।

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार बटेश्वर को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 106 करोड़ रुपये की लागत से परियोजनाएं संचालित कर रही है। इनमें 12.50 करोड़ रुपये की लागत से अटल संकुल केंद्र का निर्माण पूरा हो चुका है। मंदिर कॉम्पलेक्स के विकास पर 24.10 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि वर्तमान में 13 मंदिरों के संरक्षण का कार्य प्रगति पर है।

इसके अलावा, लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से घाटों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। 24.08 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर कॉरिडोर, 13 करोड़ रुपये से प्राचीन हवन कुंड और 9.92 करोड़ रुपये की लागत से फसाड लाइटिंग का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। निरीक्षण के समय यूपीपीसीएल के परियोजना अधिकारी संदीप चौधरी, सहायक परियोजना अधिकारी एसपी द्विवेदी सहित कई इंजीनियर, तकनीकी अधिकारी और संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।

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