आगरा में नगर निगम की कार्रवाई का विरोध, बरातघर बचाने को सड़क पर उतरे लोग
बरातघर तोड़ने पहुंचे निगम कर्मी, स्थानीय लोगों के विरोध से बिगड़े हालात

आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र अंतर्गत सती नगर स्थित आंबेडकर पार्क में बने बरातघर को गिराने की कोशिश मंगलवार को उस समय विफल हो गई, जब नगर निगम की कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने जोरदार विरोध कर दिया। सुबह नगर निगम की टीम जैसे ही बरातघर का गेट खोलने पहुंची, इलाके के लोग इकट्ठा हो गए और रास्ता रोक लिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और करीब चार घंटे तक हंगामा चलता रहा। अंततः विरोध के दबाव में निगम टीम को लौटना पड़ा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विरोध के दौरान निगम कर्मचारियों ने महिलाओं और बुजुर्गों के साथ धक्का-मुक्की की और अभद्र व्यवहार किया, जिससे आक्रोश और भड़क गया। नाराज़ लोगों ने नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। इलाके के निवासी मनोज का कहना है कि जिस भूमि पर बरातघर बना है, वह उनके पूर्वजों की है। वर्ष 2004 में बरातघर निर्माण का प्रस्ताव पास हुआ था। संकरी गलियों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह जैसे आयोजनों के लिए जगह न होने के कारण लोगों ने आपस में चंदा जुटाकर इसका निर्माण कराया था। आरोप है कि बीते 15 दिनों से नगर निगम सुंदरीकरण के नाम पर बरातघर को तोड़ने की तैयारी कर रहा है। खुदाई शुरू होने पर पूछने पर कर्मचारियों ने वहां प्रयोगशाला बनाने की बात कही थी।
महिलाओं और बुजुर्गों से बदसलूकी के आरोप
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे जैसे ही निगम कर्मियों ने बरातघर का गेट खोलने का प्रयास किया, महिलाओं और बुजुर्गों ने विरोध कर दिया। गुड्डी देवी ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर कर्मचारियों ने उन्हें धक्का दिया, जिससे वह गिर गईं और उन्हें चोट आई। वहीं बुजुर्ग हरभजन सिंह ने कहा कि यह जमीन उनके पुरखों की है और मोहल्ले के लोगों ने एक-एक रुपये जोड़कर बरातघर बनवाया है। उनका कहना है कि इसे किसी भी कीमत पर गिरने नहीं दिया जाएगा।
घटना की सूचना मिलते ही मोहल्ले के अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए और निगम कर्मियों के खिलाफ हंगामा शुरू हो गया। क्षेत्रीय पार्षद शेर सिंह सविता ने कहा कि स्थानीय लोग गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं और वह पूरी मजबूती से क्षेत्रवासियों के साथ खड़े हैं। वहीं सहायक पुलिस आयुक्त छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि इस मामले में पुलिस को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।


