जेल से छूटते ही सामने आया जमीन घोटाला, पूर्व पार्षद समेत 15 पर केस
हत्या के एक मामले में लंबे समय तक जेल में रहने के दौरान एक युवक की जमीन कथित तौर पर धोखाधड़ी से बेच दिए जाने का मामला सामने आया है। जेल से दोषमुक्त होकर बाहर आने पर पीड़ित को इस पूरे खेल की जानकारी हुई। पहले पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर आखिरकार कोर्ट का सहारा लेना पड़ा।
कमला नगर थाना क्षेत्र के लोहिया नगर निवासी चौधरी हरेंद्र सिंह ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर पूर्व पार्षद समेत 15 लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि उन्होंने 31 जुलाई 2004 को तिलक के अवसर पर अशोक कुमार और राजकुमार से एक मकान खरीदा था। इसके कुछ समय बाद ही वह हत्या के आरोप में जेल चले गए। हरेंद्र सिंह के अनुसार, जेल में रहने का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने मकान को तोड़कर उसे प्लॉट के रूप में दिखाया और आपस में साठगांठ कर उसे बेच दिया। जब वह दोषमुक्त होकर जेल से बाहर आए, तब उन्हें इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई।
पीड़ित का आरोप है कि 25 अक्तूबर को पूर्व पार्षद विमल गुप्ता पांच अज्ञात लोगों के साथ उनके प्लॉट पर कब्जा करने पहुंचा। विरोध करने पर गाली-गलौज की गई और मारपीट भी की गई। पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने पर हरेंद्र सिंह ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट के आदेश पर थाना कमला नगर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


