उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में गुरुवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां प्रेम संबंधों को लेकर चल रहे विवाद और दबाव के बीच एक युवक और युवती ने आत्महत्या कर ली। यह घटना गोंडा–लखनऊ रेलमार्ग पर पिपरी गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार, युवती ने ट्रेन के सामने कूदकर जान दी, जबकि कुछ ही दूरी पर युवक ने पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल ने स्थानीय पुलिस को अवगत कराया, जिसके बाद करनैलगंज पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मोबाइल वीडियो से खुला मामला
पुलिस को युवक के पास से एक मोबाइल फोन मिला, जिसमें आत्महत्या से पहले बनाया गया एक वीडियो मौजूद था। इस वीडियो में दोनों ने अपने फैसले का जिक्र किया है और किसी को इसके लिए जिम्मेदार न ठहराने की बात कही है। हालांकि, पुलिस और समाचार एजेंसी ने वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पांच साल पुराना था प्रेम संबंध
युवक नीरज मौर्य (25), गोंडा जिले के कौड़िया थाना क्षेत्र का रहने वाला था, जबकि युवती लक्ष्मी मौर्य (20) बहराइच जिले की निवासी और बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी। दोनों के बीच करीब पांच वर्षों से प्रेम संबंध था। परिवार को जानकारी मिलने के बाद युवक की शादी कहीं और करा दी गई, लेकिन इसके बावजूद दोनों का संपर्क बना रहा। बीते 21 दिसंबर को युवक युवती को साथ लेकर चला गया था, जिसके बाद युवती के परिजनों ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस कार्रवाई के दौरान युवती ने बयान दिया कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से युवक के साथ रहना चाहती है। मजिस्ट्रेट के समक्ष भी उसने यही बात दोहराई थी।
विरोध और तनाव के बीच टूटा हौसला
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों को युवक की मां की सुपुर्दगी में दिया गया था। इसी बीच युवक की पत्नी और युवती के परिजन इस रिश्ते का लगातार विरोध कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इसी मानसिक और सामाजिक दबाव के चलते दोनों ने यह कदम उठा लिया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
नीरज मौर्य तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके पिता खेती करते हैं और मां ग्राम प्रधान हैं। बेटे की मौत से परिवार सदमे में है। वहीं, युवती के परिजन सूचना मिलने के बावजूद शव लेने नहीं पहुंचे। युवती के भाई ने बयान दिया कि अब उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं है और इसे दोनों का निजी निर्णय बताया।
पुलिस कर रही है जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है और इसके पीछे पारिवारिक असहमति व सामाजिक दबाव मुख्य कारण नजर आ रहे हैं। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


