बांग्लादेश के चर्चित युवा आंदोलनकारी नेता और इंकलाब मंच के प्रमुख प्रवक्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़े एक संदिग्ध हिमोन रहमान शिकदर को राजधानी ढाका से गिरफ्तार कर लिया गया है।
होटल में छिपकर रह रहा था आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर बुधवार दोपहर करीब 2 बजे नॉर्थ ढाका के अदाबार इलाके में स्थित एक होटल से हिमोन रहमान को पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि वह काफी समय से वहां छिपकर रह रहा था। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से एक विदेशी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, आतिशबाज़ी का सामान, गन पाउडर और देसी बम बनाने से जुड़ी सामग्री बरामद की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से गहन पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। हिमोन रहमान को उस मोटरसाइकिल सवार आलमगीर का करीबी बताया जा रहा है, जिसने कथित तौर पर उस दिन हमले में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी फैसल करीम मसूद अब भी फरार है।
कौन थे शरीफ उस्मान बिन हादी?
शरीफ उस्मान बिन हादी बांग्लादेश के सबसे मुखर और प्रभावशाली युवा नेताओं में गिने जाते थे। वे 2024 के छात्र आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे, जिसने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार को सत्ता से बाहर करने में निर्णायक भूमिका निभाई थी।
इंकलाब मंच और उसकी भूमिका
हादी शेख हसीना विरोधी संगठन इंकलाब मंच के शीर्ष नेताओं में शामिल थे। यह संगठन उस दौर में सुर्खियों में आया जब देशभर में सरकार विरोधी प्रदर्शन हिंसक हो गए थे।
इंकलाब मंच को बांग्लादेश में एक कट्टरपंथी आंदोलनकारी संगठन के रूप में देखा जाता है, जो शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के खिलाफ सबसे आक्रामक मोर्चा खोलने वालों में रहा। हादी ढाका-8 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर आगामी चुनावों के लिए प्रचार कर रहे थे।
कैसे हुआ था हमला?
12 दिसंबर 2025 को ढाका के पल्टन इलाके में कल्वरट रोड पर उस समय हमला हुआ, जब हादी बैटरी से चलने वाले ऑटो-रिक्शा में सफर कर रहे थे। अज्ञात हमलावरों ने उन्हें सिर में गोली मार दी। घटना के बाद उन्हें ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया और हालत गंभीर होने पर 15 दिसंबर को एयरलिफ्ट कर Singapore General Hospital के न्यूरोसर्जिकल ICU में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हत्या के बाद सुलगा बांग्लादेश
शरीफ उस्मान हादी की हत्या ने बांग्लादेश की राजनीति में उबाल ला दिया है। चुनाव से ठीक पहले हुई इस घटना ने अंतरिम सरकार के सामने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हत्या सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि देश के अस्थिर राजनीतिक माहौल का प्रतिबिंब है।


