संभल जिले के चंदौसी में हुए राहुल हत्याकांड ने जैसे-जैसे करवट ली है, वैसे-वैसे नए और सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। पति की नृशंस हत्या की आरोपी रूबी को लेकर पुलिस जांच में सामने आया है कि वह पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त थी। पुलिस को जानकारी मिली है कि रूबी पर अलग-अलग थानों में छह से सात मामले दर्ज हैं, जिनमें ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

ब्लैकमेलिंग और वसूली का नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि रूबी लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलती थी। कुछ मामलों में रिपोर्ट खत्म कराने के नाम पर भी उसने मोटी रकम ऐंठी। करीब डेढ़ महीने पहले सैनिक चौराहे पर जमीन खाली कराने के विवाद में उसने अपने प्रेमी अभिषेक से डेढ़ लाख रुपये लिए थे। विवाद बढ़ने पर रूबी ने दूसरे पक्ष पर मारपीट और छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
प्रेमियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि रूबी और उसके दोनों प्रेमियों—गौरव और अभिषेक—के आपराधिक रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि रूबी ब्लैकमेलिंग की आदतन थी और कई लोगों के संपर्क में रहती थी।
हत्या के बाद शहर छोड़ने की थी योजना
पुलिस के अनुसार, राहुल की हत्या के बाद रूबी और गौरव ने तुरंत शहर छोड़ने की बजाय कुछ समय अलग-अलग स्थानों पर रहने की योजना बनाई थी, ताकि किसी को उन पर शक न हो। कॉल डिटेल रिकॉर्ड से पता चला है कि रूबी लगातार कई लोगों से संपर्क में थी, जिससे उसके आपराधिक नेटवर्क की आशंका और गहरी हो गई है।
प्रेम संबंधों का बदलता समीकरण
जांच में यह भी सामने आया कि पिछले तीन महीनों में रूबी की नजदीकी गौरव से काफी बढ़ गई थी, जिसके चलते उसने अपने पुराने प्रेमी अभिषेक से दूरी बना ली थी। पति राहुल इस स्थिति से बेहद परेशान रहता था, लेकिन रूबी न तो समझौते को तैयार थी और न ही अपने व्यवहार में बदलाव ला रही थी।
मकान बेचकर फरार होने की साजिश
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे मोहल्ला चुन्नी स्थित मकान को बेचकर कहीं और बसने की तैयारी कर रहे थे। अब राहुल की मौत और रूबी की गिरफ्तारी के बाद वह मकान सूना पड़ा है। माता-पिता से अलग हुए दोनों बच्चे रिश्तेदारों के यहां भेज दिए गए हैं, जिससे पूरे इलाके में गम और सन्नाटा पसरा हुआ है।
राहुल का जीवन और परिवार
मृतक राहुल मूल रूप से रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव गवां का रहने वाला था। पहले वह राजमिस्त्री का काम करता था, लेकिन शादी के बाद चंदौसी आकर जूते-चप्पल का व्यवसाय शुरू किया। उसके दो बच्चे हैं—12 वर्षीय बेटा कृष्णा और 10 वर्षीय बेटी दिव्या।
डीएनए जांच से मजबूत होगा केस
एसपी ने बताया कि राहुल के शव का डीएनए सुरक्षित रखा गया है। बच्चों से डीएनए मिलान कर मामले को अदालत में मजबूत साक्ष्यों के साथ पेश किया जाएगा, ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
पूरा मामला
18 नवंबर को राहुल अचानक लापता हो गया था, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट उसकी पत्नी रूबी ने ही दर्ज कराई थी। 15 दिसंबर को उसका क्षत-विक्षत शव पतरौआ रोड के पास नाले में मिला। जांच में खुलासा हुआ कि अवैध संबंधों में बाधा बन रहे राहुल की हत्या उसकी पत्नी रूबी और उसके प्रेमी गौरव ने की थी। हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें गंगा और नाले में फेंक दिया गया था।


