औद्योगिक निवेश से लेकर नए विश्वविद्यालय तक, योगी सरकार के एक दिन में कई बड़े फैसले
की अध्यक्षता में सोमवार सुबह हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने वाले कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में कुल 15,189.7 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिससे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियां शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
12 मेगा व सुपर मेगा औद्योगिक इकाइयों को मिलेगा सहमति पत्र
सरकार ने मिर्जापुर, हरदोई, बुलंदशहर, रायबरेली, गौतमबुद्धनगर, सोनभद्र, मेरठ, मुजफ्फरनगर और अलीगढ़ में स्थापित होने वाली 12 मेगा और सुपर मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को जल्द ही लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने का निर्णय लिया है। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि हर निवेश प्रस्ताव को जमीन पर उतारा जाए और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
कहां-कहां लगेंगी कौन सी इकाइयां
इन प्रस्तावों में आयरन-स्टील प्लांट, कोल्ड रोलिंग मिल, स्नैक्स मैन्युफैक्चरिंग, पेपर मिल, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड यूनिट, सीमेंट उत्पादन और सोलर इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग पार्क जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। अकेले मेरठ में प्रस्तावित सोलर मैन्युफैक्चरिंग पार्क पर ही 4,499 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा। गौतमबुद्धनगर और नोएडा क्षेत्र में उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, पीसीबी और स्टील उद्योग से जुड़े कई नए प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे।
प्रदेश को मिलेंगे दो नए राज्य विश्वविद्यालय
कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। भदोही स्थित काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को काशी नरेश राज्य विश्वविद्यालय, भदोही के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यहां शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। इसके अलावा शाहजहांपुर में मुमुक्ष आश्रम ट्रस्ट के अंतर्गत चल रही शैक्षणिक इकाइयों को उच्चीकृत कर स्वामी शुकदेवानंद राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना का रास्ता भी साफ कर दिया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार, इन विश्वविद्यालयों के लिए आवश्यक पद, भूमि और संसाधनों की व्यवस्था पहले से मौजूद ढांचे को ध्यान में रखकर की जाएगी, जिससे अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ न पड़े।
सभी 75 जिलों में उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा की तैनाती
प्रदेश में नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से अब सभी 75 जिलों में उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा की तैनाती का रास्ता खुल गया है। इसके लिए नागरिक सुरक्षा उप नियंत्रक सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2025 को मंजूरी दी गई है। इस फैसले से विभागीय अधिकारियों की पदोन्नति की प्रक्रिया भी आसान होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 3,500 करोड़ का प्रावधान
कैबिनेट ने अनुपूरक बजट में 3,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने का फैसला लिया है।
- मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 300 करोड़
- राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के लिए 2,000 करोड़
- आयुष्मान भारत योजना के लंबित दावों के भुगतान के लिए 1,200 करोड़ रुपये
सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अस्पतालों की सुविधाएं बेहतर होंगी और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।
भदोही में बनेगा दीर्घ सेतु
कैबिनेट ने भदोही में माता सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी के पास धनतुलसी–डेंगुरपुर घाट पर पीपा पुल की जगह स्थायी दीर्घ सेतु के निर्माण को मंजूरी दी है। यह परियोजना ईपीसी मोड पर करीब 320 करोड़ रुपये की लागत से पूरी होगी। इस उच्चस्तरीय पुल से भदोही विधानसभा क्षेत्र का सीधा संपर्क प्रयागराज से स्थापित होगा। इससे कालीन बुनकरों, ग्रामीणों और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी। साथ ही मिर्जापुर के रास्ते मध्य प्रदेश और बिहार की दूरी लगभग 100 किलोमीटर तक कम हो जाएगी।
प्रयागराज में बनेगा फोर लेन पुल
इसी क्रम में प्रयागराज में गंगा नदी पर सलोरी–हेतापट्टी–झूंसी मार्ग को जोड़ने के लिए चार लेन पुल बनाया जाएगा। इस पर करीब 953 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इस पुल से प्रयागराज से भदोही, वाराणसी और बिहार की ओर जाने वाला यातायात आसान होगा। कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालु बिना शहर में प्रवेश किए सीधे मेला क्षेत्र तक पहुंच सकेंगे, जिससे शास्त्री सेतु पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। फूलपुर तहसील की लगभग ढाई लाख आबादी को भी इसका लाभ मिलेगा।
सात जिलों को मिलाकर बनेगा काशी–विंध्य क्षेत्र
सरकार ने काशी-विंध्य क्षेत्र (KVR) के गठन को मंजूरी दे दी है। इसमें वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र को शामिल किया गया है।
करीब दो करोड़ की आबादी वाले इस क्षेत्र को एक साझा आर्थिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे सुनियोजित विकास, बेहतर नागरिक सुविधाएं और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। खास बात यह है कि इस व्यवस्था से सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
विकास प्राधिकरणों की संपत्तियां अब सस्ती दरों पर
राज्य सरकार ने विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद की लंबित संपत्तियों की बिक्री के लिए नई कास्टिंग गाइडलाइन–2025 को मंजूरी दे दी है। अब नीलामी की जगह सीधे बिक्री होगी और खरीदारों को 25% तक की छूट मिलेगी। समय से भुगतान करने पर अतिरिक्त छूट भी दी जाएगी। साथ ही ब्याज दरें और कॉर्नर/पार्क फेसिंग चार्ज भी पहले के मुकाबले कम कर दिए गए हैं। इससे आम लोगों को सस्ते घर मिल सकेंगे।
सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों के भत्तों में बढ़ोतरी
कैबिनेट ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जजों के घरेलू सेवक और टेलीफोन भत्ते में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब पूर्व मुख्य न्यायाधीश को 50 हजार रुपये और अन्य जजों को 45 हजार रुपये प्रति माह घरेलू सेवक भत्ता मिलेगा। इसके अलावा सभी को 15 हजार रुपये मासिक टेलीफोन भत्ता भी दिया जाएगा।
आंगनबाड़ी में मिलेगा रेसिपी आधारित पोषाहार
अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को आयु वर्ग के अनुसार रेसिपी आधारित पोषण आहार मिलेगा। यह व्यवस्था केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के तहत लागू की जाएगी। प्रदेश की 204 उत्पादन इकाइयों के माध्यम से तैयार यह पोषाहार 43 जिलों की 288 बाल विकास परियोजनाओं में वितरित किया जाएगा।
कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास
लखनऊ, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में श्रमिक महिलाओं के लिए 8 नए छात्रावास बनाए जाएंगे। इसके लिए विकास प्राधिकरण महिला कल्याण विभाग को नाममात्र की लीज पर जमीन उपलब्ध कराएंगे।
मदरसा विधेयक 2016 वापस लेगी सरकार
प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश मदरसा वेतन भुगतान विधेयक, 2016 को वापस लेने का निर्णय लिया है। यह विधेयक अनुदानित मदरसों में वेतन व्यवस्था से जुड़ा था, जिसमें कई व्यावहारिक अड़चनें सामने आई थीं।


