आगरा। किशोरपुरा इलाके में पानी की आपूर्ति को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार को भी खत्म नहीं हो सका। जलकल महाप्रबंधक कार्यालय में समाधान के लिए बुलाई गई बैठक के दौरान उस समय स्थिति बिगड़ गई, जब प्रदर्शन कर रही महिलाओं में से एक ने तैयार किया गया सहमति पत्र छीनकर फाड़ दिया। इसके बाद बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।
जगदीशपुरा क्षेत्र के किशोरपुरा की गली नंबर आठ में गंगाजल की पाइपलाइन करीब नौ महीने पहले क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके चलते आगरा जलकल विभाग ने उस गली में पानी की सप्लाई बंद कर दी थी। स्थानीय लोगों की बार-बार शिकायतों के बाद विभाग ने नई पाइपलाइन तो बिछा दी, लेकिन उसे मुख्य लाइन से नहीं जोड़ा गया। इससे क्षेत्रवासियों को अब तक पानी नहीं मिल पाया। इस समस्या से परेशान महिलाओं ने जलकल अधिकारियों के साथ-साथ जिलाधिकारी से भी शिकायत की थी। गुरुवार को आक्रोशित महिलाओं ने लोहामंडी स्थित जलकल कार्यालय में अधिशासी अभियंता पुष्पेंद्र कुमार को करीब चार घंटे तक कार्यालय में रोके रखा। इसके बाद शुक्रवार को जलकल महाप्रबंधक एके राजपूत ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया।
बैठक में क्षेत्र की 50 से अधिक महिलाएं और पुरुष पहुंचे। पुलिस और जलकल अधिकारियों की मौजूदगी में करीब दो घंटे की चर्चा के बाद गली में बिछी आधी पाइपलाइन से एक इंच की अस्थायी जलापूर्ति देने पर सहमति बनी और इसका लिखित समझौता भी तैयार किया गया। लेकिन अचानक महिलाओं में से एक ने सहमति पत्र फाड़ दिया, जिससे माहौल फिर तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया और सभी को कार्यालय परिसर से बाहर निकाला। जलकल महाप्रबंधक एके राजपूत ने कहा कि विभाग सभी को पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की मदद ली जा रही है और पाइपलाइन का कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा।


