छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले में एक बार फिर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। गोलापल्ली क्षेत्र के जंगलों में डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड (DRG) और माओवादी कैडर के बीच चल रही मुठभेड़ में अब तक तीन नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिनमें एक महिला माओवादी भी शामिल है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इस कार्रवाई में कई अन्य नक्सली घायल हुए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गोलापल्ली इलाके में बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर DRG की टीम ने जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। 18 दिसंबर की सुबह जैसे ही जवान इलाके में आगे बढ़े, नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद दोनों ओर से रुक-रुक कर भारी गोलीबारी होती रही। अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन अभी जारी है और अंतिम आंकड़े अभियान समाप्त होने के बाद साझा किए जाएंगे। फिलहाल क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है और पूरे इलाके को घेराबंदी में रखा गया है।
इस साल अब तक 284 नक्सली ढेर
इस ताज़ा मुठभेड़ के साथ ही वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़कर 284 हो गई है। इनमें से 255 नक्सली बस्तर संभाग के सात जिलों—बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा सहित—में मारे गए हैं। रायपुर रेंज के गरियाबंद ज़िले में 27 नक्सली, जबकि दुर्ग रेंज के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी ज़िले में दो नक्सली मुठभेड़ में मारे गए।
पहले भी हुए बड़े ऑपरेशन
इससे पहले 3 दिसंबर को दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 12 नक्सलियों को मार गिराया था। इस कार्रवाई में डिविजनल कमेटी मेंबर (DVCM) वेल्ला मोदियम जैसे वरिष्ठ माओवादी नेता को भी ढेर किया गया था। हालांकि इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को भी नुकसान उठाना पड़ा था—तीन DRG जवान शहीद हुए और दो घायल हो गए थे। वहीं 16 नवंबर को भज्जी-चिंतागुफा सीमा क्षेत्र में खुफिया सूचना के आधार पर शुरू किए गए एक अन्य ऑपरेशन के दौरान तुमलपाड़ जंगल में मुठभेड़ हुई थी, जिसमें तीन नक्सली मारे गए थे।
हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
सुकमा और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं। ऑपरेशन समाप्त होने और आधिकारिक बयान जारी होने के बाद और विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।


