एसआईआर पर पूरी ताकत लगाएं: आगरा मंडल में सीएम योगी का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आगरा मंडल में भाजपा जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों के साथ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की समीक्षा की। उन्होंने दो टूक कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल सूची का सत्यापन नहीं बल्कि अपात्र मतदाताओं के नाम हटाना और योग्य मतदाताओं को जोड़ना है। सीएम ने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि आने वाले तीन दिन सभी सामाजिक कार्यक्रमों को स्थगित कर पूरी ताकत एसआईआर में लगाएं।
मंडलायुक्त सभागार में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने आगरा शहर की तीन विधानसभा सीटों, मथुरा-वृंदावन, फिरोजाबाद और मैनपुरी की शहरी सीटों पर एक लाख से ज्यादा मतदाताओं तक नहीं पहुंच पाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित विधायकों और संगठन नेताओं को निर्देश दिए कि बूथ समितियों के साथ महापौर और पार्षदों को भी मैदान में उतारकर घर-घर सत्यापन कराया जाए।
उन्होंने मुरादाबाद की कुंदरकी, शामली की कैराना और नजीबाबाद जैसी सीटों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में लगभग शत-प्रतिशत एसआईआर पूरा हो चुका है। इनमें से कई सीटें विपक्ष के कब्जे में हैं या जहां भाजपा विरोधी वोट बैंक मजबूत है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि चुनाव जीतना है तो एक भी समर्थक मतदाता छूटे नहीं—हर वोट सूची में दर्ज होना चाहिए।
सीएम ने मैनपुरी की करहल सीट का उदाहरण देते हुए पूर्व प्रत्याशी अनुजेश प्रताप सिंह यादव का नाम लिया और कहा कि बेहतर सत्यापन व वोटर जोड़ने से मामूली हार को जीत में बदला जा सकता है। बैठक के दौरान उन्होंने हर विधानसभा क्षेत्र की समीक्षा कर विधायकों से सीधा संवाद किया और बूथ समितियों को सक्रिय करने का निर्देश दिया।
बैठक से पहले महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता और जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया ने मुख्यमंत्री का स्वागत स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। इस मौके पर सांसद राजकुमार चाहर, कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य, लक्ष्मी नारायण चौधरी, जयवीर सिंह, योगेंद्र उपाध्याय, राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति, ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष दुर्गविजय सिंह शाक्य, प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रज बहादुर भारद्वाज सहित सभी मंडलों के जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।
बीएलए और बूथ कार्यकर्ताओं को दिए विशेष निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन नामों पर संदेह हो, उनकी विधिवत जांच की जाए। उन्होंने बीएलए और बूथ कार्यकर्ताओं को मतदाताओं से सीधे संपर्क कर संवाद स्थापित करने का निर्देश दिया। हर बूथ पर टोली बनाकर गहन सत्यापन करने को कहा गया, ताकि कोई भी वास्तविक मतदाता सूची से छूटने न पाए।


