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चौथी मंजिल पर फंसा परिवार, दमकल की जांबाजी से टली बड़ी अनहोनी

दीये से लगी आग, रस्सी के सहारे पहुंचकर फायरकर्मियों ने बचाई तीन जानें

                                                    आग के बीच फंसी जिंदगी… रस्सी से उतरे फायरकर्मी बने फरिश्ता

आगरा के थाना हरिपर्वत क्षेत्र स्थित विजय नगर कॉलोनी में रविवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब त्रिवेणी क्रिस्टल अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर बने एक फ्लैट में अचानक आग लग गई। प्रॉपर्टी डीलर राजीव अग्रवाल के फ्लैट में पूजा स्थल पर जल रहे दीये से आग भड़कने की आशंका है। हादसे के समय घर में उनकी पत्नी रंजना अग्रवाल, बेटा रजत और बेटी मुस्कान मौजूद थे, जो आग और धुएं के बीच बुरी तरह फंस गए।

आग की लपटें तेजी से फैलते ही फ्लैट के दरवाजे तक पहुंच गईं, जिससे बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया। कमरे में धुआं भरने लगा और सांस लेना तक मुश्किल हो गया। घबराए परिवार ने खिड़की से मदद के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें महज 15 मिनट में मौके पर पहुंच गईं।

धुएं के कारण अंदर से फ्लैट तक पहुंचना खतरे से खाली नहीं था, ऐसे में फायर ब्रिगेड के जवानों ने पांचवीं मंजिल की छत से रस्सी के सहारे उतरते हुए खिड़की का शीशा तोड़ा और फ्लैट में प्रवेश किया। फायरकर्मी रामकेश गुर्जर सबसे पहले भीतर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। इसके बाद दमकल पाइप को रस्सी से बांधकर ऊपर खींचा गया।

कुछ ही देर में फायरकर्मी पंकज भी अंदर पहुंचे। दोनों ने जमीन पर लेटकर पानी डालते हुए आग पर काबू पाया। इस दौरान दो धमाके भी हुए, लेकिन जवानों ने हिम्मत नहीं छोड़ी। लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पूरी तरह बुझा दी गई और तीनों फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

धुआं भरने से रंजना अग्रवाल की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस रेस्क्यू अभियान में संजय प्लेस, ईदगाह और शास्त्रीपुरम से भी दमकल कर्मियों ने सहयोग किया।

महिला को फ्लैट से लाते दमकलकर्मी ।

साहस को मिला सम्मान

घटना की जानकारी मिलते ही विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल मौके पर पहुंचे और फायरकर्मियों की बहादुरी की सराहना की। स्थानीय लोगों ने बताया कि फिल्मी अंदाज में रस्सी के सहारे लटककर किया गया यह बचाव कार्य उन्होंने पहली बार अपनी आंखों से देखा।

“उम्मीद टूटने लगी थी”

रेस्क्यू के बाद रजत अग्रवाल ने बताया कि आग और धुएं के बीच उन्हें लगने लगा था कि शायद अब बच पाना संभव नहीं है। जब दमकलकर्मी फ्लैट में पहुंचे और आग पर काबू पाया, तभी उन्हें जिंदगी की उम्मीद जगी।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि प्राथमिक जांच में आग दीये की लौ से लगने की बात सामने आ रही है, हालांकि विस्तृत जांच के बाद ही कारणों की पुष्टि की जाएगी।

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