नई दिल्ली: यदि आपकी गाड़ी चोरी हो गई हो और इसके बावजूद बीमा कंपनी आपको भुगतान देने से इंकार कर रही हो, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ता अब E-Jagriti पोर्टल की मदद से आसानी से जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। तमिलनाडु के कृष्णागिरी ज़िले में रहने वाले एक व्यक्ति ने ऐसा ही किया और आयोग ने उसके पक्ष में बड़ा फैसला सुनाते हुए 14 लाख 80 हजार रुपये दिलवाए।

कमर्शियल गाड़ी चोरी, फिर भी नहीं मिला बीमा दावा
पीड़ित व्यक्ति ने अपने व्यवसाय के लिए एक कमर्शियल वाहन खरीदा था और लोन लेने के साथ-साथ लगभग 4.8 लाख रुपये का बीमा भी कराया था। 9 दिसंबर 2020 को वाहन चोरी हो गया। उन्होंने तुरंत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई और बैंक व बीमा कंपनी को भी सूचना दी। इसके बावजूद:
- बीमा कंपनी ने दावा मंजूर करने में अनुचित देरी की
- बैंक ने लोन की पूरी राशि के साथ ब्याज भी वसूल लिया
- इससे उपभोक्ता दोहरी परेशानी में फँस गया।
E-Jagriti पोर्टल से दर्ज की ऑनलाइन शिकायत
लगातार परेशानियों से तंग आकर उपभोक्ता ने 13 मार्च 2025 को E-Jagriti पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की। सुनवाई के दौरान आयोग ने सभी दस्तावेजों की जांच की और पाया कि:
- बीमा कंपनी ने पॉलिसी के नियमों का पालन नहीं किया
- बैंक ने उपभोक्ता से गैर-ज़रूरी ब्याज वसूला
उपभोक्ता आयोग का फैसला — भारी मुआवज़ा
28 मई 2025 को आयोग ने उपभोक्ता के हक में फैसला सुनाते हुए निर्देश दिया कि:
- बीमा कंपनी 4.80 लाख रुपये 12% ब्याज सहित लौटाए
- बैंक अनुचित रूप से लिया गया ब्याज वापस करे
- दोनों मिलकर 10 लाख रुपये का क्षतिपूर्ति राशि उपभोक्ता को दें
- इस तरह उपभोक्ता को कुल 14.80 लाख रुपये वापस मिले।


