
दिल्ली पुलिस ने राजधानी के निजी अस्पतालों में कार्यरत उन डॉक्टरों से जुड़ी जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश, यूएई और चीन से एमबीबीएस की पढ़ाई की है। पुलिस ने सभी निजी अस्पतालों को नोटिस भेजकर ऐसे डॉक्टरों का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है। प्रशासन का उद्देश्य विदेशी मेडिकल शिक्षण पृष्ठभूमि वाले डॉक्टरों का डेटाबेस तैयार करना बताया जा रहा है।
इसी बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अल फलाह मेडिकल कॉलेज से जुड़े करीब 30 डॉक्टरों के बयान दर्ज किए हैं। पूछताछ के दौरान इन डॉक्टरों से आतंकी उमर के व्यवहार और गतिविधियों को लेकर सवाल किए गए। सहकर्मियों के अनुसार उमर का स्वभाव अक्सर रूखा रहता था और वह सीमित लोगों को ही अपने कमरे में आने देता था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, उमर का मोबाइल फोन जम्मू-कश्मीर पुलिस की हिरासत में है। फोन से चार वीडियो बरामद हुए हैं, जिनमें से एक पहले सामने आ चुका है, जिसमें वह जिहाद और ह्यूमन बम को जायज ठहराता नजर आ रहा था। शेष तीन वीडियो भी उसी श्रृंखला के बताए जा रहे हैं, जिनकी अवधि 3 से 5 मिनट के बीच है। इन्हीं डिजिटल सबूतों के आधार पर उमर के संभावित मददगारों की तलाश जारी है।
वहीं, दिल्ली ब्लास्ट मामले में एनआईए ने आरोपियों मुजम्मिल, मुफ्ती इरफान, शाहीन सईद और आदिल को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। 10 दिन की रिमांड पूरी होने के बाद सभी को अदालत के समक्ष लाया गया। उल्लेखनीय है कि 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए धमाके में जान-माल का भारी नुकसान हुआ था, जिसको लेकर जांच तेज़ी से आगे बढ़ाई जा रही है।


