भारी बारिश और भूस्खलन ने बढ़ाई मुश्किलें, श्रीलंका में हालात गंभीर

श्रीलंका में बीते 11 दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और उसके कारण पैदा हुई बाढ़ व भूस्खलन ने व्यापक तबाही मचा दी है। गुरुवार को देश के आपदा प्रबंधन केंद्र (DMC) ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं की इस श्रृंखला में अब तक 31 लोगों की जान जा चुकी है और लगभग 4,000 नागरिक प्रभावित हुए हैं।
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, केवल मध्य पहाड़ी इलाकों में ही 18 लोगों की मौत दर्ज की गई है। डेली मिरर ऑनलाइन की रिपोर्ट में बताया गया कि कुंबुक्कना क्षेत्र में तेज़ी से बढ़ते पानी में एक यात्री बस फंस गई थी, हालांकि राहतकर्मियों ने समय रहते बस के सभी 23 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं अडाडेराना पोर्टल के मुताबिक, करीब 10 लोग घायल हैं और 14 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
गंभीर परिस्थिति पर निगरानी
बिगड़ते हालात को देखते हुए राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने 25 में से 17 प्रभावित जिलों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण–पूर्वी क्षेत्र में बना निम्न दबाव धीरे-धीरे गहन अवदाब में तब्दील हो रहा है। वर्तमान में इसका केंद्र बट्टीकलोआ से लगभग 210 किलोमीटर दक्षिण–पूर्व में स्थित है।
विभाग का अनुमान है कि अगले 12 घंटों में यह तंत्र तेजी से उत्तर–पश्चिम की ओर बढ़ सकता है और और अधिक शक्तिशाली रूप ले सकता है। कई जिलों में 200 मिमी से ज्यादा वर्षा होने की चेतावनी जारी की गई है।
पिछले वर्ष भी भारी तबाही
अक्टूबर 2024 में भी श्रीलंका ने ऐसी ही भारी वर्षा और बाढ़ का सामना किया था, जिसमें कोलंबो समेत कई क्षेत्रों में पानी भर गया था। उस दौरान लगभग 1.34 लाख लोग प्रभावित हुए थे और राजधानी में स्कूल बंद करने पड़े थे। कई मोहल्लों में घरों व दुकानों की छतों तक पानी पहुँच गया था।


