कैबिनेट का बड़ा निर्णय: REPM उत्पादन, रेल विस्तार और पुणे मेट्रो को मिली हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि दुर्लभ खनिजों से बनने वाले स्थायी चुंबकों के लिए देश में एक समग्र विनिर्माण तंत्र स्थापित करने के फैसले से आयात निर्भरता घटेगी और तकनीकी क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण की दिशा में यह भारत की एक महत्वपूर्ण पहल है।
मोदी के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दुर्लभ खनिज स्थायी चुंबक (REPM) के उत्पादन हेतु देश का पहला एकीकृत ढांचा विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है। इन चुंबकों का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन ऊर्जा संयंत्रों, रक्षा उपकरणों और एयरोस्पेस तकनीकों में व्यापक रूप से होता है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस कदम से न केवल देश में आवश्यक क्षमताओं का निर्माण होगा, बल्कि आयात में कमी और हरित प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा भी मिलेगा।
इसके अलावा, मोदी ने महाराष्ट्र और गुजरात के चार जिलों में प्रस्तावित दो नई ‘मल्टी-ट्रैकिंग’ रेल परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने को रेल अवसंरचना के लिए बड़ा प्रोत्साहन बताया। उनके अनुसार, इससे परिवहन व्यवस्था, संचालन क्षमता, सेवा विश्वसनीयता तथा मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
पुणे मेट्रो विस्तार पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कैबिनेट द्वारा मेट्रो की लाइन 4 और 4A के दूसरे चरण को हरी झंडी मिलने से शहर में सार्वजनिक परिवहन और सुगम होगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पुणे के नागरिकों के लिए तेज, आरामदायक और बेहतर आवागमन सुनिश्चित करेगा, जिससे शहर के विकास और नवाचार को भी गति मिलेगी।


