16.8 C
Agra
Homeदुनियाट्रंप का आरोप—दक्षिण अफ्रीका में ‘नरसंहार’, 2026 जी-20 से रहेगा दूर

ट्रंप का आरोप—दक्षिण अफ्रीका में ‘नरसंहार’, 2026 जी-20 से रहेगा दूर

ट्रंप का दक्षिण अफ्रीका पर हमला—“वे गोरे लोगों को मार रहे हैं”

अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका के बीच पिछले कुछ समय से विवाद लगातार गहराता जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार यह आरोप लगा रहे हैं कि दक्षिण अफ्रीका में श्वेत समुदाय के खिलाफ हिंसा हो रही है। इसी खिंचाव के बीच दक्षिण अफ्रीका में आयोजित ताज़ा जी-20 सम्मेलन में अमेरिका ने अपने राष्ट्रपति को भेजने के बजाय दूतावास के एक वरिष्ठ अधिकारी को प्रतिनिधि के रूप में भेजा। अगले वर्ष अमेरिका जी-20 की मेजबानी करेगा, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने इस बार परंपरा से हटकर समापन सत्र में अगले मेजबान—यानी अमेरिका—के प्रतिनिधि को औपचारिक अध्यक्षता हस्तांतरित करने से इनकार कर दिया। इसी घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कड़ा कदम उठाने का ऐलान कर दिया।

ट्रंप का बड़ा बयान: “दक्षिण अफ्रीका को 2026 का निमंत्रण नहीं”

ट्रंप ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका द्वारा अमेरिकी प्रतिनिधि को अध्यक्षता सौंपने से मना करने के बाद उन्होंने निर्देश जारी किया है कि 2026 जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए दक्षिण अफ्रीका को आमंत्रण नहीं भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी जी-20 की मेजबानी अमेरिका फ्लोरिडा के मियामी शहर में करेगा और दक्षिण अफ्रीका के “व्यवहार” ने यह दिखा दिया है कि वह वैश्विक मंचों पर सदस्यता का हकदार नहीं है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका दक्षिण अफ्रीका को दिए जाने वाले सभी आर्थिक सहयोग और सब्सिडी को तुरंत प्रभाव से रोक देगा।

“श्वेत किसानों पर हमले हो रहे हैं”—ट्रंप के आरोप

राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सरकार जी-20 बैठक में शामिल नहीं हुई, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका ने अपने देश में श्वेत किसानों और यूरोपीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा को स्वीकारने या उस पर कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है। ट्रंप के अनुसार, “दक्षिण अफ्रीका में गोरे लोगों की हत्या की जा रही है और उनके खेत छीन लिए जा रहे हैं, लेकिन फेक न्यूज़ मीडिया इस पर चुप है।”

दक्षिण अफ्रीका का जवाब: “नरसंहार का कोई सवाल ही नहीं”

दक्षिण अफ्रीका ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि देश में किसी तरह का नस्ली नरसंहार नहीं हो रहा। सरकार का कहना है कि अपराध की समस्या वास्तविक है, लेकिन वह पूरे समाज को प्रभावित करती है, न कि किसी एक नस्ली समूह को। इसके साथ ही, दक्षिण अफ्रीका ने अमेरिका के रवैये की आलोचना की और कहा कि एक निम्न-स्तरीय प्रतिनिधि को अध्यक्षता हस्तांतरित करना उपयुक्त नहीं था, इसलिए मना किया गया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments