26/11 को याद करते हुए इस्राइली दूत की भावुक पोस्ट—‘हम इस दर्द को समझते हैं’
26/11 मुंबई हमले की 17वीं बरसी पर दुनिया के कई देशों ने पीड़ितों और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। भारत में तैनात इस्राइल और फ्रांस के राजदूतों ने भी इस मौके पर अपनी संवेदनाएँ साझा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत का समर्थन दोहराया।

इस्राइली राजदूत रुवेन अजार का संदेश
भारत में इस्राइल के राजदूत रुवेन अजार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि 26/11 केवल मुंबई पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता पर हमला था। उन्होंने लिखा कि इस हमले में हर धर्म, हर समाज और कई देशों के नागरिक प्रभावित हुए—और इस्राइल इस पीड़ा को भली-भांति समझता है। अजार ने आगे कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में इस्राइल हमेशा उसके साथ खड़ा रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने हमले में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को सम्मानपूर्वक याद किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
फ्रांस की ओर से भी एकजुटता का संदेश
भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी मथाऊ ने भी X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर 26/11 पीड़ितों को नमन किया। उन्होंने लिखा कि फ्रांस आतंकवाद के हर रूप की निंदा करता है और इस लड़ाई में भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
26/11: वह काला दिन जिसने दुनिया को हिला दिया
26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने मुंबई में ताबड़तोड़ हमले किए थे।
लगातार तीन दिनों तक चले इस नरसंहार में:
- 166 लोगों की मौत हो गई,
- 300 से अधिक लोग घायल हुए,
- और कई प्रमुख स्थान आतंकियों के निशाने पर रहे।
हमलों में ताज होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट, नरीमन हाउस, सीएसटी स्टेशन, कामा अस्पताल, लियोपोल्ड कैफे और अन्य प्रसिद्ध स्थान शामिल थे।


