सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा में 17 एकड़ में खड़ा होगा महाकाल मंदिर, कैबिनेट से मंजूरी

पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। सभी दल मतदाताओं को साधने की कोशिशों में जुटे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बड़ा ऐलान किया है। उनकी सरकार उत्तर बंगाल में भगवान महाकाल का भव्य मंदिर बनवाने की तैयारी कर रही है। राजनीतिक जानकार इस कदम को हिंदू समुदाय तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
कहां बनेगा नया महाकाल मंदिर?
चुनावी माहौल को देखते हुए ममता बनर्जी ने पहले ही महाकाल मंदिर निर्माण की योजना की घोषणा कर दी थी। अब राज्य कैबिनेट ने इस परियोजना को औपचारिक मंजूरी भी दे दी है। मंदिर सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। करीब 17.40 एकड़ से अधिक भूमि इस परियोजना के लिए निर्धारित की गई है और भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शुभ मुहूर्त तय होने के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
कैबिनेट की हरी झंडी
पीटीआई के अनुसार, सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई, जिससे मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर में उत्तर बंगाल के आपदा प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान ममता बनर्जी ने दार्जिलिंग के महाकाल मंदिर की तर्ज पर सिलीगुड़ी में भी ऐसा ही मंदिर बनाने की इच्छा जताई थी।
पहले भी बन चुकी हैं धार्मिक परियोजनाएँ
तृणमूल सरकार इससे पहले दीघा में जगन्नाथ मंदिर का निर्माण करा चुकी है और न्यू टाउन में ‘दुर्गा आंगन’ स्थापित करने की भी घोषणा कर चुकी है। माना जा रहा है कि ये परियोजनाएँ सांस्कृतिक और धार्मिक स्वरूप को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।


