दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें दुनिया भर के शीर्ष नेता शामिल हुए। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस वैश्विक मंच पर सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और कई देशों के प्रमुखों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ताएँ कीं। इन्हीं बैठकों में से एक थी—इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ उनकी मुलाकात, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

भारत-इटली संबंधों को नई गति
पीएम मोदी ने अपने X पोस्ट में जानकारी दी कि जॉर्जिया मेलोनी के साथ हुई बातचीत अत्यंत सकारात्मक रही।
उन्होंने बताया कि भारत और इटली के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है, और दोनों देश व्यापार, रक्षा, शिक्षा, अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नवाचार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर सहमत हुए हैं।
टेरर फंडिंग पर साझा पहल
दोनों नेताओं ने बैठक के बाद आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए एक संयुक्त पहल शुरू करने की घोषणा की। मोदी ने कहा कि यह कदम वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूती देगा और उन नेटवर्क को कमजोर करेगा जो हिंसा को बढ़ावा देते हैं। यह सहयोग भारत-इटली साझेदारी में सुरक्षा के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।
अन्य वैश्विक नेताओं से मुलाकात
जी-20 के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के कई प्रभावशाली नेताओं से भी बातचीत की।
इनमें कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केयर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा शामिल रहे।


