रिटायरमेंट से पहले छापेमारी: अधिकारियों को मिली 12.43 करोड़ की संपत्ति

बेहतरीन कार्य प्रदर्शन के लिए तीन-तीन मेडल पा चुके औरंगाबाद के उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद पर विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने शिकंजा कस दिया है। किसी को अंदाज़ा भी नहीं था कि सेवानिवृत्ति से महज़ दो महीने पहले उनके नाम पर इतनी बड़ी संपत्ति सामने आएगी।
रविवार की सुबह SVU की टीम ने पटना, जहानाबाद, औरंगाबाद सहित चार स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इतनी मात्रा में नकदी बरामद हुई कि अधिकारियों को नोट गिनने की मशीन बुलानी पड़ी। शुरुआती जांच में करीब 12.43 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति का पता चला है।
रिटायरमेंट से पहले ही कार्रवाई
अनिल कुमार आजाद की तैनाती 20 महीने पहले औरंगाबाद में हुई थी और वह दो महीने बाद रिटायर होने वाले थे। इसी बीच निगरानी की कार्रवाई ने सभी को चौंका दिया।
फोन पर बातचीत में उन्होंने कहा— “यह सब स्पिरिट माफियाओं की साजिश है। मेरे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। मैं जांच में पूरी तरह सहयोग कर रहा हूं।”
मेडल पाने वाले अधिकारी पर गंभीर सवाल
आजाद ने दावा किया कि विभाग में उत्कृष्ट कार्य के कारण उन्हें तीन बार सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि परिवार में भतीजे की शादी के अगले ही दिन यह छापेमारी की गई, जो उन्हें निशाना बनाने की कोशिश लगती है।
इन स्थानों पर हुई छापेमारी
- औरंगाबाद: उत्पाद अधीक्षक का कार्यालय व किराए का आवास
- जहानाबाद: उनका निजी घर
- पटना: शिवपुरी स्थित आवासीय भवन
- अन्य संबद्ध ठिकाने
क्या हैं आरोप?
निगरानी इकाई का आरोप है कि उन्होंने सरकारी सेवा के दौरान 1 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति इकट्ठा की। पुख्ता इनपुट मिलने के बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज की गई और कोर्ट से तलाशी वारंट भी हासिल किया गया।
छापेमारी में बरामद सामग्री
सूत्रों के अनुसार, टीम को
- जमीन खरीद से जुड़े दस्तावेज
- कई बैंक पासबुक
- महत्वपूर्ण फाइलें
- भारी मात्रा में नकदी
मिली है। नोटों की गिनती के लिए मशीन भी मंगाई गई।
सूचना है कि तलाशी के दौरान और भी अहम कागजात मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। विस्तृत रिपोर्ट बाद में जारी की जाएगी।


