सड़क हादसा नहीं, बहू को मारने की खौफनाक साजिश निकली
महाराष्ट्र के गोंदिया जिले की गोरेगांव तहसील से सामने आया एक मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था को हिला देने वाला है, बल्कि रिश्तों की मर्यादा पर भी गहरा सवाल खड़ा करता है। जिस घटना को शुरुआत में एक सामान्य सड़क दुर्घटना समझा गया, वही जांच के साथ-साथ एक सुनियोजित हत्या की साजिश बनकर सामने आई। हैरानी की बात यह है कि इस साजिश का मास्टरमाइंड खुद पीड़िता का ससुर निकला।
हादसे के पीछे छिपा खून का प्लान
14 नवंबर 2025 को गोरेगांव तहसील के ग्राम गिधाड़ी की 23 वर्षीय महिला अपने पिता के साथ दोपहिया वाहन से गोंदिया न्यायालय आई थी। कोर्ट का काम पूरा कर लौटते समय घोटी नाले के पास पीछे से आई एक नीले रंग की चारपहिया गाड़ी ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। महिला सड़क पर गिर पड़ी और उसके सिर, हाथ-पैर में गंभीर चोटें आईं, वहीं पिता भी घायल हो गए। संयोग से दोनों की जान बच गई, लेकिन यही “संयोग” बाद में एक बड़े अपराध का पर्दाफाश करने वाला साबित हुआ।
साधारण केस से सनसनीखेज खुलासा
शुरुआत में गोरेगांव थाने में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। लेकिन पुलिस को कुछ तथ्यों पर संदेह हुआ। इसके बाद जब तकनीकी जांच, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और गुप्त सूचनाओं को खंगाला गया, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। जांच में खुलासा हुआ कि महिला के नाम पर 60 लाख रुपये का LIC जीवन बीमा और कीमती जमीन हड़पने के इरादे से उसके ससुर ने ही बहू को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। दुर्घटना पूरी तरह से प्लान की गई थी।
एक गिरफ्त में, मास्टरमाइंड फरार
पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी ससुर अभी फरार है। साजिश की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 और 61(2) भी जोड़ दी है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच
इस संवेदनशील और जघन्य मामले की जांच जिला पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, अपर पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे, एसडीपीओ प्रमोद मडामे और गोरेगांव थाने के प्रभारी रामेश्वर पिपरेवार के मार्गदर्शन में की जा रही है।


