तेजी से बदलती जीवनशैली के कारण अब कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियां कम उम्र में ही लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। समय पर जांच और जागरूकता के अभाव में यह समस्याएं जानलेवा रूप ले लेती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक नई और व्यापक पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत अब 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी। जांच से जुड़ा पूरा विवरण ई-कवच और एनपी-एनसीडी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
80 बिंदुओं पर स्क्रीनिंग, 5 प्रमुख जांचें
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक व्यक्ति की 80 बिंदुओं पर स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके साथ ही ओरल कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी पांच गंभीर बीमारियों की विशेष जांच की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति इन रोगों से पीड़ित पाया जाता है, तो सरकार द्वारा उसे आजीवन निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
घर-घर जाकर होगी जांच
एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग करेंगी। एकत्रित डाटा संबंधित कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) को सौंपा जाएगा, जो आगे की जांच की प्रक्रिया पूरी करेंगे। जिन लोगों तक घर पर स्वास्थ्यकर्मी नहीं पहुंच पाते हैं, वे स्वयं आयुष्मान आरोग्य मंदिर जाकर अपनी जांच करवा सकते हैं। वहां भी सभी सेवाएं पूरी तरह मुफ्त होंगी।
हर महीने मिलेगी मुफ्त दवा
बीमारी की पुष्टि होने पर मरीजों को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से प्रत्येक माह निशुल्क दवाएं दी जाएंगी। साथ ही मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और फॉलो-अप डाटा प्रतिदिन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।
जिले को स्वस्थ बनाने की दिशा में कदम
एसीएमओ डॉ. पवन कुमार के अनुसार यह कार्यक्रम जिले को निरोगी बनाने की दिशा में एक अहम पहल है। जांच से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की स्वास्थ्य योजनाएं तैयार की जाएंगी। यदि किसी बीमारी के मरीज अधिक संख्या में सामने आते हैं, तो खान-पान, जीवनशैली और बचाव को लेकर विशेष जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।


