कर्नाटक के हुबली शहर में एक महिला राजनीतिक कार्यकर्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। महिला से बदसलूकी के आरोप भारतीय जनता पार्टी समर्थकों ने लगाए हैं, जबकि आरोपों के घेरे में केशवपुर पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी आए हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और मामला सोशल मीडिया के जरिए भी तेजी से फैल गया है।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
जानकारी के मुताबिक, महिला को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की एक नगर निगम पार्षद की शिकायत के आधार पर हिरासत में लिया गया था। यह शिकायत राज्य में चल रही मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हुए पुराने विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। हिरासत के दौरान महिला के साथ अभद्रता के आरोप लगाए गए, जिस पर बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है।
हाल में बदला था राजनीतिक दल
सूत्रों के अनुसार, संबंधित महिला पहले कांग्रेस से जुड़ी हुई थीं और कुछ समय पहले ही बीजेपी में शामिल हुई थीं। उन पर आरोप है कि उन्होंने मतदाता सूची से कुछ नाम हटवाने में अधिकारियों की मदद की थी। इसी मुद्दे को लेकर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच पहले भी टकराव हो चुका था।
पुलिस का पक्ष
इस पूरे मामले पर पुलिस कमिश्नर एन शशिकुमार ने सफाई दी है। उनके अनुसार, 1 जनवरी को SIR रिविजन प्रक्रिया के दौरान दो गुटों में कहासुनी हुई थी, जिसके बाद कई शिकायतें दर्ज की गईं। एक शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि महिला ने झगड़े के दौरान शिकायतकर्ता को काट लिया और उसके निजी अंग पर लात मारी। कमिश्नर ने बताया कि महिला के खिलाफ पहले से ही पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। 5 जनवरी को जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची तो उन्होंने सहयोग नहीं किया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान महिला ने स्वयं अपने कपड़े उतार दिए थे, जिन्हें वैन में मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने रोकने की कोशिश की। बाद में स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें दूसरा कपड़ा उपलब्ध कराया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी केशवपुर पुलिस स्टेशन में मौजूद हैं और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। इस मामले ने क्षेत्र में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है, जहां कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं।


