उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में प्रशासन ने सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग एक बीघा ज़मीन पर खड़े मदरसा हुसैनिया तकमिलुल उलूम को ध्वस्त कर दिया। यह ज़मीन सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार करीब 1.25 करोड़ रुपये मूल्य की बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान अवैध कब्जे का विरोध करने की कोशिश की गई, लेकिन तहसीलदार मनीष त्रिपाठी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और विरोध कर रहे लोगों को हटाकर कार्रवाई पूरी कराई।
कई वर्षों से चल रहा था मदरसा
लहरपुर तहसील के नेवादा गणेशपुर क्षेत्र में गाटा संख्या 982 की परती भूमि पर रईस और सत्तार नामक लोगों ने कब्जा करके मदरसे का संचालन लंबे समय से किया हुआ था। क्षेत्रवासियों की शिकायत पर एसडीएम आकांक्षा गौतम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान मदरसा संचालकों द्वारा किसी भी प्रकार का वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिसके बाद एसडीएम ने अवैध निर्माण हटाने के आदेश जारी किए।
दूसरी जगह भी चला बुलडोज़र
इसी अभियान के तहत ग्राम शेखपुर में अबरार द्वारा सरकारी ज़मीन पर किए गए पक्के निर्माण को भी प्रशासन ने ध्वस्त किया और ज़मीन को अतिक्रमणमुक्त कराया।
अभियान आगे भी जारी रहेगा
अवैध कब्जों के विरुद्ध इस कठोर कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह के अभियान आगे भी लगातार चलते रहेंगे।


