पूर्व आश्वासनों पर कार्रवाई न होने से नाराज़ भाकियू: अधिकारियों को 10 दिन की चेतावनी

जैतपुर ब्लॉक मुख्यालय पर भारतीय किसान यूनियन (स्वतंत्र) के कार्यकर्ताओं ने किसानों से जुड़ी लंबित समस्याओं को लेकर विकास खंड अधिकारी को एक बार फिर याद दिलाने वाला ज्ञापन सौंपा। संगठन का कहना है कि इससे पहले दिए गए ज्ञापनों पर भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ज्ञापन 12 सितंबर 2025 को सौंपते हुए यूनियन ने बताया कि इसी तरह का एक ज्ञापन 22 जुलाई 2025 को भी अधिकारियों को दिया गया था। जिलाध्यक्ष शिवकुमार शर्मा के अनुसार, उस समय अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा, लेकिन अब तक कोई बदलाव नहीं दिख रहा।
शर्मा ने यह भी कहा कि कई ग्राम पंचायतों में नरेगा कार्यों में अनियमितताएँ बनी हुई हैं। आरोप है कि वास्तविक काम न होने के बावजूद प्रतिदिन फर्जी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की तुरंत जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
सहकारिता विभाग से जुड़े मुद्दों पर भी यूनियन ने नाराज़गी जताई। संगठन ने कहा कि सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) की उदासीनता के कारण कूकापुर समिति अब तक किसानों के हित में संचालित नहीं हो सकी है और वहाँ किसी सचिव की तैनाती भी नहीं की गई। नगला इमली समिति का जर्जर भवन अब भी निर्माण की प्रतीक्षा में है और साधन सहकारी समिति, जैतपुर में जलभराव, बाउंड्री वॉल और गेट जैसी समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं।
यूनियन ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि वे सभी मुद्दों के समाधान के लिए 10 दिन की समयसीमा दे रहे हैं। यदि निर्धारित अवधि में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो संगठन संवैधानिक दायरे में रहकर धरना-प्रदर्शन करने को विवश होगा।
ज्ञापन देते समय जिलाध्यक्ष शिवकुमार शर्मा के साथ भाकियू सर्वोदय के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप चौहान, जिला उपाध्यक्ष मोहन शर्मा, तहसील अध्यक्ष सुनील शर्मा, रूप सिंह, भोला भदौरिया, शिवाजी, दयावती सोनी, दीप्ती, सौरव, राम रविंद सहित अनेक किसान मौजूद रहे।


