षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति के दुर्लभ संयोग ने बुधवार को बटेश्वर धाम को आस्था के रंग में रंग दिया। तड़के से ही श्रद्धालु यमुना तट पर पहुंचने लगे और पूरे दिन स्नान, पूजन व दान का सिलसिला चलता रहा। वेदमंत्रों की गूंज से घाट और मंदिर परिसर भक्तिमय बने रहे। मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि इस अवसर पर सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि और वृद्धि योग का शुभ प्रभाव रहा, जिसके चलते श्रद्धालुओं ने विशेष पुण्य लाभ के लिए यमुना नदी में आस्था की डुबकी लगाई। संत समाज ने भी यमुना स्नान कर लोककल्याण की कामना की। संत रमेशदास महाराज, प्रकाशदास, सुरेशानंद महाराज और विमल कुमार दास ने बताया कि गुरुवार को खिचड़ी पर्व पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे।
घाटों पर तीर्थ स्थल ट्रस्ट के गोताखोरों की तैनाती रही, जबकि मंदिरों में पूजा-अर्चना का क्रम निर्बाध चलता रहा। व्रती महिलाओं ने शिव, पार्वती और गणेश की उपासना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मकर संक्रांति पर आए श्रद्धालुओं ने ब्रह्मलाल महाराज के दर्शन कर दीपदान किया और जीवन की बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना की। सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। ब्रह्मलाल जी मंदिर परिसर में सीसीटीवी से निगरानी की गई, जिससे किसी भी अप्रिय घटना से बचाव रहा। घाट से लेकर मंदिरों तक पुलिस बल की मौजूदगी ने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखा। स्नान, दर्शन और पूजन के उपरांत संतों को भोजन कराकर श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य अर्जित किया।


