कड़ाके की ठंड में बड़ा फैसला: पूरे यूपी में स्कूलों पर लगा ताला
उत्तर प्रदेश में शीतलहर और भीषण ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए राज्य सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के सभी बोर्डों—ICSE, CBSE और यूपी बोर्ड—के कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों को 1 जनवरी तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि ठंड के इस प्रकोप में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
अफसरों को फील्ड में उतरने के निर्देश
सीएम ने शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे खुद जिलों में जाकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अलाव, कंबल और रैन बसेरों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी जरूरतमंद ठंड में परेशान न हो।
सरकार के अहम निर्देश
- कोई भी व्यक्ति खुले में ठंड सहने को मजबूर न हो
- रैन बसेरों में बिस्तर, कंबल और साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था रहे
- जरूरतमंदों तक समय से राहत सामग्री और आश्रय पहुंचे
लखनऊ में भी स्कूल बंद
राजधानी लखनऊ में भी हालात को देखते हुए प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों में 29 दिसंबर से 1 जनवरी 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। जिलाधिकारी विशाख जी ने आदेश जारी कर सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में इसका सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला घने कोहरे, शीतलहर और मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखकर लिया गया है।
37 जिलों में कोहरे का ऑरेंज अलर्ट
प्रदेश में ठंड लगातार तीखी होती जा रही है। पहाड़ों पर बर्फबारी और सर्द पछुआ हवाओं के कारण कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए 37 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर समेत 12 जिलों में शीत दिवस की चेतावनी दी गई है। रविवार को आगरा, प्रयागराज, कानपुर और सहारनपुर में दृश्यता लगभग शून्य रही। फतेहपुर में 10 मीटर, मेरठ में 15 मीटर और हमीरपुर में सिर्फ 20 मीटर तक ही दिखाई दिया। 6.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ मेरठ और इटावा में सबसे ठंडी रात दर्ज की गई।
अभी और सताएगी ठंड
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, प्रदेश में अगले तीन दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना नहीं है। इसके बाद हल्की धूप निकलने और तापमान में मामूली बढ़ोतरी से कुछ राहत मिल सकती है।


