से एक चौंकाने वाला ऑनलाइन मैट्रिमोनियल फ्रॉड सामने आया है, जिसमें शादी का झांसा देकर एक महिला से लाखों रुपये ठग लिए गए। मुलुंड ईस्ट में रहने वाली 42 वर्षीय ग्राफिक डिजाइनर महिला को आरोपी ने खुद को प्रभावशाली एनजीओ का प्रमुख बताकर जाल में फंसाया और कुल 17.73 लाख रुपये की ठगी कर ली।
शादी के नाम पर बनाया भरोसे का जाल
पुलिस के अनुसार, पीड़िता लंबे समय से एक ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर जीवनसाथी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान उसे “वी बी” नाम की प्रोफाइल से संपर्क किया गया। बातचीत आगे बढ़ने पर आरोपी ने खुद को पुणे निवासी विराज बालासाहेब भोसले (45) बताया और दावा किया कि उसके पिता आईपीएस अधिकारी हैं तथा मां फिजियोथेरेपिस्ट हैं। आरोपी ने यह भी कहा कि वह एक गैर-सरकारी संगठन का अध्यक्ष है और सरकारी आवास योजनाओं व सीएसआर फंड से जुड़े काम करता है। उसने भरोसा दिलाया कि वह तलाकशुदा, विधवा और अकेली महिलाओं को सस्ते दामों में घर दिलाने में मदद करता है।
इस तरह ठगे गए लाखों रुपये
20 अक्टूबर 2025 को आरोपी ने मुंबई में घर दिलाने के नाम पर महिला से शुरुआती रकम मांगी। भरोसा कर महिला ने पहले अपने खाते से 5.60 लाख रुपये ट्रांसफर किए। बाद में आरोपी के कहने पर महिला ने तीन अलग-अलग पर्सनल लोन लिए और कुल मिलाकर 12.13 लाख रुपये और भेज दिए। पूरी रकम मिलने के बाद आरोपी ने महिला से दूरी बनानी शुरू कर दी। जब महिला ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने कथित तौर पर गाली-गलौज की, धमकाया और अपने राजनीतिक व पुलिस संपर्कों का हवाला देकर शिकायत न करने की चेतावनी दी।
कई महिलाओं से ठगी का शक
महिला ने जब आरोपी की सोशल मीडिया प्रोफाइल खंगाली तो पता चला कि वह पहले भी इसी तरह कई महिलाओं को निशाना बना चुका है। इसके बाद पीड़िता ने नवघर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश जारी है।


