केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने बुधवार को विभिन्न निर्यात संवर्धन परिषदों (EPCs) और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक बैठक की। इस दौरान हाल के वर्षों में संपन्न मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) से पैदा हुए अवसरों और उनसे अधिकतम लाभ उठाने की रणनीतियों पर गहन चर्चा की गई। मंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि उद्योग प्रतिनिधियों ने पिछले छह वर्षों में प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के साथ सफलतापूर्वक कई व्यापार समझौते कराने के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व की सराहना की।
बैठक के प्रमुख बिंदु
- निर्यात प्रतिस्पर्धा को मजबूत बनाने के उपाय
- नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भारतीय उत्पादों और सेवाओं की पहुंच बढ़ाना
- वैश्विक व्यापार मंच पर भारत की स्थिति को और सुदृढ़ करनागोयल ने कहा कि इन समझौतों से उद्योग, सेवा क्षेत्र और निर्यातकों के लिए नए द्वार खुले हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि EPCs और उद्योग संगठनों की भूमिका बेहद अहम है ताकि देश की कंपनियां इन समझौतों के लाभों का पूरा उपयोग कर सकें। सरकार निर्यात को बढ़ावा देने और आर्थिक विकास को तेज करने के लिए उद्योग के साथ मिलकर काम करती रहेगी।
2025 में तेज हुई व्यापार गतिविधियां
- 24 जुलाई को भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA)
- 18 दिसंबर को भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA)
- 22 दिसंबर को भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता
- 1 अक्तूबर 2025 से भारत-ईएफटीए (स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड, लिकटेंस्टाइन) व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता लागू, जिसमें 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता
2026 में आगे बढ़ी साझेदारियां
- 27 जनवरी 2026 को भारत और European Union के बीच मुक्त व्यापार समझौता
- 7 फरवरी 2026 को भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा, जिससे अमेरिकी टैरिफ दरों में बड़ी कटौती की गई


