“विकास कार्यों की प्रगति पर नाराजगी, अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस”
विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति के सभापति किरण पाल कश्यप ने रविवार को सर्किट हाउस में आगरा और मैनपुरी जनपदों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं का असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए, केवल फाइलों तक सीमित रहना स्वीकार्य नहीं है। बैठक के दौरान मैनपुरी के जिला वन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और जिला पूर्ति अधिकारी की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई गई। तीनों अधिकारियों से कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 10 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

समिति ने वर्ष 2022 से 2025 तक की विभागीय प्रगति रिपोर्ट तलब की और जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए पत्रों पर हुई कार्रवाई का विवरण भी मांगा। सभापति ने कहा कि सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के जनहित से जुड़े पत्रों की अनदेखी करना गंभीर लापरवाही है। बैठक में अंत्योदय राशन कार्ड, पंचायत राज, माध्यमिक व बेसिक शिक्षा, सिंचाई, स्वास्थ्य, पुलिस, पर्यावरण, लोक निर्माण विभाग, डूडा, भूतत्व एवं खनन, सहकारिता, समाज कल्याण और आयुष सहित कई विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने समिति को आश्वासन दिया कि सभी निर्देशों का समयबद्ध पालन किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक विभाग में जनप्रतिनिधियों की शिकायतों और सिफारिशों के लिए अलग रजिस्टर बनाए जाने के निर्देश भी दिए गए।
बिजली विभाग की शिकायतें सबसे अधिक
जनप्रतिनिधियों के पत्रों की समीक्षा में सबसे अधिक शिकायतें विद्युत विभाग से जुड़ी पाई गईं। कुल 230 प्रकरण बिजली विभाग के थे। इसके अलावा पुलिस विभाग से संबंधित 119 मामले सामने आए। नगर निगम के 71, पंचायती राज के 55, लोक निर्माण विभाग के 38, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 13, सिंचाई विभाग के 17, बेसिक शिक्षा के 14 और माध्यमिक शिक्षा के छह प्रकरण शामिल थे। सभापति ने सभी मामलों का शीघ्र निस्तारण कर जनप्रतिनिधियों को सूचित करने के निर्देश दिए।
गैरहाजिर अधिकारियों पर कार्रवाई
बैठक में अनुपस्थित रहने पर जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके साथ ही जल निगम के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी किया गया है। दोनों अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर जवाब देना अनिवार्य होगा। बैठक में जिलाधिकारी के अलावा मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।


