संजय कपूर की विरासत जंग में नया मोड़, तलाक रिकॉर्ड के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुँचीं प्रिया कपूर
उद्योगपति संजय कपूर के निधन के बाद उनकी संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए और अहम मोड़ पर पहुंच गया है। ताज़ा घटनाक्रम में यह हाई-प्रोफाइल मामला देश की सर्वोच्च अदालत तक जा पहुँचा है, जिससे पहले से जटिल कानूनी लड़ाई और भी पेचीदा हो गई है।

सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार, संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। उन्होंने याचिका दाखिल कर संजय कपूर और अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बीच वर्ष 2016 में हुए तलाक से जुड़े दस्तावेज़ों की सर्टिफाइड कॉपी मांगी है।
बताया जा रहा है कि यह याचिका जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। प्रिया कपूर का तर्क है कि तलाक के समय हुए वित्तीय समझौते और बच्चों की कस्टडी से जुड़े तथ्य मौजूदा विरासत विवाद को समझने के लिए बेहद अहम हैं।
बच्चों ने डिजिटल सबूतों पर उठाए सवाल
संजय कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चे समायरा और कियान कपूर पहले ही कथित वसीयत की प्रामाणिकता को चुनौती दे चुके हैं। बच्चों का आरोप है कि वसीयत से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियां हैं। उनके अनुसार, जिस दिन 21 मार्च 2025 को वसीयत पर हस्ताक्षर किए जाने का दावा किया गया, उस दिन प्रिया कपूर और संजय कपूर की लोकेशन से जुड़े डेटा आपस में मेल नहीं खाते। इसके अलावा, उसी तारीख को बच्चों की विदेशी नागरिकता से संबंधित व्हाट्सएप बातचीत भी सामने आने की बात कही गई है, जिससे पूरे घटनाक्रम पर संदेह और गहरा गया है।
आपराधिक कार्रवाई की मांग
बच्चों ने इस मामले में केवल दीवानी नहीं, बल्कि आपराधिक कार्रवाई की भी मांग की है। उनका कहना है कि कथित तौर पर उन्हें उनकी वैध विरासत से वंचित करने के लिए एक जाली वसीयत तैयार की गई। इस सिलसिले में उन्होंने संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कदम उठाने की अपील की है।
मौत के बाद शुरू हुई विरासत की जंग
गौरतलब है कि संजय कपूर का जून 2025 में इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान निधन हो गया था। वे करीब ₹30,000 करोड़ की संपत्ति छोड़ गए, जिसमें कई बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी शामिल है। उनकी मौत के बाद परिवार के अलग-अलग सदस्य—तीसरी पत्नी प्रिया कपूर, करिश्मा कपूर के साथ उनके बच्चे और अन्य परिजन—एक लंबी कानूनी लड़ाई में उलझ गए हैं।
वसीयत बनी विवाद का केंद्र
पूरा विवाद 21 मार्च 2025 की एक वसीयत के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जिसमें अधिकांश निजी संपत्ति प्रिया कपूर के नाम किए जाने का दावा है। बच्चों की ओर से पेश वकीलों का कहना है कि वसीयत के मेटाडेटा, गलत विवरण और तकनीकी खामियां इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं। अब जबकि मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह कानूनी संघर्ष और तेज़ होगा। फिलहाल इतना तय है कि संजय कपूर की विरासत को लेकर यह विवाद जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा।


