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वंदे भारत से रक्षा क्षेत्र तक, एमएसएमई के लिए बढ़े कारोबार के रास्ते

एमएसएमई को मिलेगा रेलवे और रक्षा क्षेत्र का बड़ा अवसर

रेलवे और रक्षा क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए नए व्यावसायिक अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। भारतीय रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत वंदे भारत जैसी अत्याधुनिक ट्रेनों के निर्माण में एमएसएमई इकाइयों की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। यह जानकारी दो दिवसीय वेंडर डेवलपमेंट कॉन्फ्रेंस के दौरान दी गई। सम्मेलन के दूसरे दिन उद्यमियों को रेलवे, रक्षा क्षेत्र, ई-कॉमर्स, डिजिटल मार्केटिंग और जेम पोर्टल के माध्यम से अपने व्यवसाय के विस्तार के व्यावहारिक तरीके बताए गए।

सम्मेलन में रक्षा क्षेत्र से जुड़ी आवश्यक सामग्रियों की मांग और उनकी पारदर्शी खरीद प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। लेफ्टिनेंट कर्नल पल्लवी जामवाल ने बताया कि जेम पोर्टल के जरिए एमएसएमई इकाइयों को रक्षा क्षेत्र में सीधे अवसर मिल रहे हैं। वहीं रेलवे के डीएमएम विवेक दिवाकर ने रेलवे की पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी और आईआरईपीएस पोर्टल की तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी।

एमएसएमई से 10.5 करोड़ की खरीद
गेल गैस इंडिया की ओर से नरेश कुमार ने बताया कि गेल गैस आगरा ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक एमएसएमई इकाइयों से लगभग 10.5 करोड़ रुपये की खरीद की है, जिससे प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से वैश्विक बाजार तक
डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स सत्र में कंप्यूटर एजुकेशन इंडस्ट्री के निदेशक आकाश मित्तल ने बताया कि डिजिटल दौर में जेम पोर्टल और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन चुके हैं। एनपीसीआईएल के सीनियर मैनेजर कपिल कुमार ने भी उद्यमियों को जेम पर पंजीकरण के लिए प्रेरित किया।

तकनीकी सत्र और सम्मान समारोह
तकनीकी सत्र के दौरान एससी/एसटी हब प्रमुख पुष्पेंद्र सूर्यवंशी ने बैंकिंग से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। रेलवे के सीनियर डीईई रूपेश बघेल ने विद्युत संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी दी। पीपीडीसी के प्रधान निदेशक सचिन राजपाल ने एमएसएमई को आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बताया। सम्मेलन के समापन पर सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। धन्यवाद ज्ञापन सहायक निदेशक अभिषेक सिंह और वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी अवधेश कुमार ने किया। कार्यक्रम का संचालन नेहा मेहतो ने किया, जबकि समन्वय की जिम्मेदारी जितेंद्र कुमार यादव ने निभाई।

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